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सोने का महल और White House से 20 गुना बड़ा दफ्तर, कितने रईस हैं कतर के अमीर, जिनके दखल से पूर्व नौसैनिक हुए रिहा

कथित जासूसी के मामले में 8 पूर्व भारतीय नेवी अफसरों को मौत की सजा सुनाने के करीब 3 महीने बाद कतर की अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया. माना जा रहा है कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कतर के अमीर से मुलाकात का नतीजा है. शेख तमीम बिन हमाद अल-थानी को अरब के सबसे ताकतवर लोगों में गिना जाता है, जिनके दखल के बगैर पासा पलटना मुश्किल था.

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी (Photo- Getty Images) कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी (Photo- Getty Images)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:26 PM IST

दोहा स्थित एक कंपनी के साथ काम करने वाले भारतीय नौसेना के 8 पूर्व जवानों पर वहां की कोर्ट ने आरोप लगाया कि वे काम की आड़ में जासूसी कर रहे हैं. इसी कथित आरोप पर उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी, जो भारतीय दखल के बाद जेल की सजा में बदल गई. अब बड़ी राहत देते हुए दोहा कोर्ट ने सबको रिहाई दे दी है. यहां तक कि 7 अफसर देश भी लौट आए. संदिग्धों की रिहाई तब हुई है, जब पीएम मोदी यूएई के बाद कतर का दौरा करने वाले हैं. वैसे इस हाई-प्रोफाइल मामले में छूट को कतर के शेख से भी जोड़ा जा रहा है. 

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क्या हैं कतर का अमीर होने के मायने
अमीर का मतलब यहां धन-दौलत की अमीरी बस नहीं है, बल्कि अमीर कतर का सुप्रीम लीडर होता है. ये संविधान का गारंटर और सेना का कमांडर भी होता है. अमीर एक खास परिवार से आते हैं, जिसे अल-थानी फैमिली कहते हैं. इस परिवार से अब तक 8 अमीर हो चुके हैं, जो देश संभालते रहे. वर्तमान अमीर तमीम बिन हमाद ने पिता के बाद जून 2013 में सत्ता संभाली. 33 साल की उम्र में शेख को कतर का सबसे कमउम्र लीडर माना गया. 

दस साल पहले संभाली सत्ता

शेख तमीम की शुरुआत पढ़ाई-लिखाई लंदन के हैरो स्कूल से हुई. आगे चलकर उन्होंने ब्रिटेन की रॉयल मिलिट्री अकेडमी से पढ़ाई और वहीं ग्रेजुएशन किया. घर वापसी के बाद उन्हें सेना में अहम पद दिया गया. तब उनके पिता हमाद बिन खलीफा सत्ता संभाल रहे थे. हालांकि शेख की ट्रेनिंग पहले से ही शुरू हो चुकी थी कि वही आगे चलकर देश संभालेंगे. इस बात का एलान खुद उनके पिता ने साल 2003 में ही कर दिया था. 

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वेस्ट से संबंध किए मजबूत

सुप्रीम लीडर बनने के बाद से शेख तमीम ने कई बड़े काम किए. इसमें सबसे ज्यादा बात उनके पश्चिम से अच्छे रिश्ते बनाने पर होती है. मुस्लिम-बहुल इस देश के लगभग सभी ताकतवर मुल्कों से बढ़िया संबंध बने, जो कि पहले नहीं था. इसके अलावा शासन संभालने के बाद कतर ने अपने यहां फॉरेन टूरिस्ट को जमकर बढ़ावा दिया. यहां स्टार होटल से लेकर वो तमाम शान-शौकत है, जो टूरिस्ट चाहते हैं. यहां तक कि पाबंदीशुदा सुविधाएं भी उनके लिए मुहैया कराई जाती हैं. इससे पहले लंबे समय तक ये देश गैस और तेल के लिए ही जाना जाता रहा. 

कतर बनता रहा मीडिएटर

लेकिन कतर को आज सबसे ज्यादा मध्यस्थता यानी बीच-बचाव करने वाले, या समझौता कराने वाले देश की तरह देखा जाता है. ये असल हासिल है, जो कतर के अमीर को मिला. ताजा मामला ही लें तो इजरायल और हमास के बीच जंग ने दुनिया की नाक में दम किया हुआ है. दोनों ही पक्ष किसी की नहीं सुन रहे. यहां तक कि अमेरिका को भी लगभग नाकामी मिली.

इजरायल और हमास में भी सुलह की कोशिश जारी

इस बीच खबर है कि कतर ने दोनों के बीच तनाव कम करने की पहल की है. हो सकता है कि एक बार फिर दोनों पार्टियां अस्थाई युद्ध विराम के लिए मान जाएं. पहला युद्ध विराम भी कतर की वजह से ही हुआ, जो लगभग एक हफ्ते चला था. इजरायली बंधकों की रिहाई में भी वो अहम पार्ट अदा कर चुका है. 

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कितनी संपत्ति है रॉयल परिवार में

कतर के रॉयल परिवार के पास ताकत ही नहीं, पैसे भी बेशुमार हैं. पूरी फैमिली की बात करें तो उसकी कुल दौलत 335 बिलियन डॉलर है. वहीं कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम की कुल संपत्ति लगभग ढाई बिलियन डॉलर है. इसमें कतर के अलावा विदेशों में फैली प्रॉपर्टी भी है. बता दें कि लंदन से पढ़े-लिखे शेख ने वहां के बैंकों, एयरवेज और ऑटोमोबाइल पर भी इनवेस्टमेंट कर रखा है. 

इतना भव्य है दोहा का महल

कतर के शेख अपने परिवार समेत दोहा रॉयल पैलेस में रहते हैं. सोने से मढ़े हुए इस किले में 15 अलग-अलग पैलेस हैं, जहां 3 सौ से ज्यादा कारें पार्क हो सकती हैं. दोहा रॉयल पैलेस में सारा फर्निचर सोने से मढ़ा हुआ है. लेकिन महल की खास बात ये है कि इसमें अकेले शेख का दफ्तर ही अमेरिका के वाइट हाउस से 20 गुना विशाल है. साल 2019 में अमीर ने ओमान में भी एक पैलेस तैयार करवाया, जो दोहा जितना ही आलीशान है.

शेख के पास दुनिया का सबसे महंगा और लग्जरी जहाज है, जिसे कतर के नाम पर कतारा कहते हैं. लगभग 400 मिलियन डॉलर की लागत वाले जहाज में हेलीकॉप्टर डेक और सैटेलाइट डोम भी हैं. सबसे महंगी एयरक्राफ्ट और कारों का काफिला भी इनके नाम है. 

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प्रति व्यक्ति आय 80 लाख से ज्यादा 

कतर का राजसी परिवार खुद ही अमीर नहीं है, बल्कि वहां रहने वालों की आय भी वैसी शानदार है. इस देश की पर-कैपिटा जीडीपी को दुनिया में चौथी सबसे हाई जीडीपी में गिना जाता है. वर्ल्ड बैंक का डेटा देखें तो वहां पर कैपिटा आय 94 हजार डॉलर से ज्यादा है, यानी 80 लाख रुपए से ज्यादा. ये डेटा थोड़ा पुराना है. जीडीपी ऊपर जाने से जाहिर है, इसमें भी बढ़त ही हुई होगी. 

अथाह पैसों में रहने की वजह से यहां के निवासियों को कोई टैक्स भी नहीं देना पड़ता. यही वजह है कि कतर को टैक्स-हेवन भी कहते हैं. यहां बहुत से अमीर विदेशी नागरिकता लेने को तैयार रहते हैं ताकि कर के पैसे बचा सकें. 

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