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क्या संसद में नोट ले जाने पर कार्रवाई हो सकती है? क्यों राज्यसभा में मचा हंगामा, जान लीजिए ये नियम

राज्यसभा में नोटों की गड्डी मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. सभापति जगदीप धनखड़ ने जानकारी दी,'कल (गुरुवार) सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने हमें बताया कि सीट नंबर 222 से कैश मिला है. ये सीट कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को अलॉट की गई है. ऐसे में जानते हैं कि क्या संसद में नोट नहीं ले जा सकते.

राज्यसभा में कैश मिलने पर बवाल खड़ा हो गया है. राज्यसभा में कैश मिलने पर बवाल खड़ा हो गया है.
हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 06 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

राज्यसभा में नोटों की गड्डी मिलने पर बखेड़ा खड़ा हो गया है. राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि गुरुवार को 500 रुपये के नोटों की गड्डी मिली. नोटों की ये गड्डी सीट नंबर 222 पर मिली. ये सीट कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को अलॉट हुई है.

सभापति धनखड़ ने कहा कि गुरुवार को सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि सीट नंबर 222 के पास से कैश मिला है. इस मामले में नियमों के मुताबिक जांच हो रही है.

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राज्यसभा में जैसे ही नोटों की गड्डी मिलने की जानकारी सामने आई, वैसे ही हंगामा शुरू हो गया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सिंघवी का नाम लिए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, जब तक मामले की जांच चल रही है और सबकुछ साफ नहीं हो जाता, तब तक आपको (सभापति) उनका (सिंघवी) नाम नहीं लेना चाहिए था. खड़गे के आरोपों पर सभापति धनखड़ ने कहा कि उन्होंने सिर्फ ये बताया है कि कैश किस सीट पर मिला है और ये किसे अलॉट की गई है.

सिंघवी ने क्या कहा?

सीट के पास नोटों की गड्डी मिलने की बात को सिंघवी ने खारिज कर दिया. उन्होंने सफाई देते हुए कहा, 'इसके बारे में मैंने पहली बार सुना. मैं जब राज्यसभा जाता हूं तो 500 रुपये का नोट लेकर जाता हूं. मैं दोपहर 12.57 बजे सदन में गया था. 1 बजे वहां से निकल गया. 1 बजे से 1.30 बजे तक कैंटीन में अयोध्या प्रसाद के साथ था. वहां लंच किया. इसलिए कल मैं सदन में सिर्फ 3 मिनट के लिए था.'

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आगे उन्होंने कहा कि कोई भी कैसे किसी की सीट पर आ सकता है और वहां कुछ भी रख सकता है. इसका मतलब हुआ कि हम सभी की अपनी सीट हो, उस पर हम ताला लगा दें और चाबी घर ले जाएं. क्योंकि सीट पर कोई भी कुछ भी कर सकता है और इस तरह के आरोप लगा सकता है. उन्होंने कहा कि हम सभी को इसकी तह तक जाना चाहिए और इसकी जांच की जानी चाहिए.

क्या संसद में नोट नहीं ले जा सकते?

संसद में नोट लाने या नहीं लाने का कोई नियम नहीं है. कोई भी सांसद अंदर कितनी करंसी ले जा सकता है, इसकी भी कोई सीमा नहीं है. बहुत से ऐसे सांसद हैं जो डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल नहीं करते हैं, वो संसद के अंदर बैंक की ब्रांच से पैसे निकालते हैं और चैंबर में ले जाते हैं.

जांच किस बात की होगी?

जांच इस बात की होगी कि सीट के पास नोटों की ये गड्डी कहां से आई. अभिषेक मनु सिंघवी ने दावा किया है कि वो सिर्फ 500 का नोट लेकर सदन में जाते हैं. इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, अब ये सब राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ पर निर्भर करता है कि वो इसकी जांच दिल्ली पुलिस को सौंपते हैं या किसी और एजेंसी को. 

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जब संसद में उछाले गए थे नोट

अमेरिका के साथ परमाणु समझौते को लेकर वाम दलों ने यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. उस समय मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे. यूपीए ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया. 

उसी दिन बीजेपी के तीन सांसद- अशोक अर्गल, फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगौरा लोकसभा में एक करोड़ रुपये के नोटों की गड्डियां लेकर पहुंच गए. वहां उन्होंने नोट उछाल दिए. तीनों ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के तत्कालीन महासचिव अमर सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने उन्हें विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट देने के लिए रुपये की पेशकश की थी. हालांकि, दोनों ने इन आरोपों को नकार दिया था.

उस समय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने दावा किया था कि सांसदों को तीन-तीन करोड़ रुपये का लालच दिया था. एक करोड़ रुपये पहले दिए गए थे और बाकी की रकम बाद में देने का आश्वासन दिया गया था. 

ये पहला मौका था जब सदन में इस तरह से खुलेआम नोटों की गड्डियां उड़ाई गई थीं. इस घटना पर तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था.

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