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टिल्लू ताजपुरिया हत्याकांड में TNSP के 7 जवान सस्पेंड... जानें तिहाड़ जेल में तमिलनाडु की स्पेशल पुलिस क्यों रहती है?

गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के मामले में तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के 7 जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है. सातों को वापस तमिलनाडु बुला लिया गया है. ऐसे में जानते हैं कि तिहाड़ जेल में तमिलनाडु स्पेशल पुलिस क्यों तैनात रहती है? डीजी जेल को भी इन पर पूरा एक्शन लेने का अधिकार क्यों नहीं है?

तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के सात जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है. (फाइल फोटो-PTI) तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के सात जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है. (फाइल फोटो-PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2023,
  • अपडेटेड 12:50 PM IST

तिहाड़ जेल में तैनात तमिलनाडु स्पेशल पुलिस (TNSP) के सात कर्मियों को वापस तमिलनाडु भेज दिया गया है. ये एक्शन तिहाड़ के अंदर गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के मामले में लिया गया है. 

जेल अधिकारियों का कहना है कि जिस समय गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या हुई, उस समय तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के ये सात जवान वहीं मौजूद थे. 

इससे पहले डीजीपी (दिल्ली जेल) संजय बेनीवाल ने तमिलनाडु पुलिस को एक पत्र लिखकर इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था. 

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न्यूज एजेंसी ने एक जेल अधिकारी के हवाले से बताया कि इस मामले को लेकर दिल्ली और तमिलनाडु पुलिस के अधिकारियों के बीच एक बैठक भी हुई थी. इस बैठक में तमिलनाडु पुलिस ने कथित तौर पर लापरवाही बरतने पर इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लेने का आश्वासन दिया था.

दिल्ली की जेल में तमिलनाडु की पुलिस क्यों?

दिल्ली की तिहाड़ जेल में तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवान लंबे समय से तैनात किए जाते रहे हैं. इसके कई कारण हैं. 

इसकी एक बड़ी वजह ये है अलग-अलग भाषा भी होना है. तिहाड़ जेल में बंद कैदियों और तमिलनाडु पुलिस के जवानों की भाषा अलग-अलग होने से किसी तरह का करप्शन या लापरवाही होने की आशंका कम होती है.

बताया जाता है कि तिहाड़ जेल में तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के हजारों जवान तैनात हैं. ये जवान जेल में बंद कैदियों की सेल में रेड मारते रहते हैं और वहां से ड्रग्स या और दूसरी चीजों को जब्त कर लेते हैं.

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टिल्लू ताजपुरिया (फाइल फोटो)

दिल्ली पुलिस ने एक्शन क्यों नहीं लिया?

भले ही तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवान दिल्ली की तिहाड़ जेल में तैनात हैं, लेकिन उनपर कोई भी एक्शन दिल्ली जेल के डीजी नहीं ले सकते. तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवानों पर एक्शन लेने का अधिकार सिर्फ तमिलनाडु पुलिस को ही है. 

ये जवान कहां तैनात थे?

दिल्ली की तिहाड़ जेल सबसे सुरक्षित जेलों में से है. तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवान तिहाड़ जेल के परिसर सिक्योरिटी देते हैं. 

जेल अधिकारियों ने बताया कि जिन सात अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है, वो तिहाड़ की सेल नंबर आठ में तैनात थे. 

तमिलनाडु पुलिस ने इन सातों जवानों को सस्पेंड कर दिया है और वापस अपने राज्य बुला लिया है.

कब हुई थी टिल्लू की हत्या?

टिल्लू ताजपुरिया (सुनील) की हत्या 2 मई को तिहाड़ जेल के अंदर हो गई थी. उस पर योगेश टुंडा और उसके साथी ने हमला कर दिया था. टिल्लू पर दीपक तीतर, योगेश, राजेश और रियाज ने हमला किया था. 

तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, टिल्लू पर सूए से 40 से ज्यादा वार किए गए थे. ये हमला सुबह-सुबह करीब सवा 6 बजे किया गया था.

प्रशासन ने बताया कि चारों बदमाश जेल नंबर-9 की फर्स्ट फ्लोर पर बंद थे. हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले लोहे की ग्रिल को काटा. उसके बाद चादर की मदद से ग्राउंड फ्लोर पर कूदकर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद टिल्लू की हत्या कर दी. 

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टिल्लू की हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी. गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर लिखा था कि टिल्लू की हत्या हमारे भाई दीपक तीतर और योगेश टुंडा ने की है.

 

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