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दिल्ली के कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 15 अप्रैल तक तिहाड़ जेल में रहेंगे. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इससे पहले 10 दिन तक केजरीवाल ईडी की हिरासत में थे.
सोमवार को उनकी रिमांड खत्म हो रही थी. उन्हें जब कोर्ट में पेश किया गया तो ईडी ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि केजरीवाल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं.
इस दौरान ईडी ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान केजरीवाल ने बताया है कि विजय नायर उन्हें नहीं, बल्कि आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करते थे. ईडी ने जब ये बात अदालत में बताई, तब केजरीवाल ने इस बात का खंडन भी नहीं किया. ये पहली बार है जब अदालत में इस मामले में दो मंत्रियों का नाम लिया गया है.
माना जा रहा है कि अब शराब घोटाले में आतिशी और सौरभ भारद्वाज भी फंस सकते हैं. अब तक इस कथित घोटाले में इनके नाम नहीं आए थे.
ये विजय नायर उन लोगों में है, जिनकी शराब घोटाले में सबसे पहले गिरफ्तारी हुई थी. सीबीआई ने विजय नायर को मनीष सिसोदिया का 'करीबी' बताया था.
कौन है ये विजय नायर?
विजय नायर कुछ साल तक आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन प्रभारी रहा है. वो एंटरटेनमेंट जगत का जाना-माना नाम है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नायर ने इंडी बैंड्स (Indie bands) के लिए मैनेजमेंट कंपनी OML शुरू की थी. बाद में उन्होंने स्टैंडअप कॉमेडी और लाइव म्यूजिक शो पर फोकस किया.
OML यानी ओनली मच लाउडर. ये एंटरटेनमेंट और इवेंट मीडिया कंपनी है. विजय नायर इसका सीईओ और डायरेक्टर भी रहा है.
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कई कंपनियों से जुड़ा था विजय नायर
ओनली मच लाउडर के अलावा विजय नायर और भी कई कंपनियों से जुड़ा हुआ था. इनमें बेबलफीश और मदरस्वेयर जैसी कंपनियां शामिल हैं.
इनके अलावा वो वीयरडएस कॉमेडी, मोटरमाउथ राइटर्स और रेबेलियन मैनेजमेंट जैसी ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग और कॉमेडी शो की कंपनियों से भी जुड़ा रहा है.
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 तक विजय नायर लगभग 1 करोड़ डॉलर का साम्राज्य संभालता था. नायर फॉर्च्यून इंडिया की '40 अंडर 40' लिस्ट में भी आ चुका है.
जब लगे थे यौन शोषण के इल्जाम
2018 में विजय नायर का नाम विवादों में तब आया, जब #MeToo कैंपेन के तहत उन पर आरोप लगे. हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था.
दरअसल, 2018 में एक मीडिया हाउस ने रिपोर्ट छापी थी, जिसमें दावा किया था कि विजय नायर ने ओनली मच लाउडर में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए असुरक्षित माहौल बनाया था और अपने पद का दुरुपयोग किया था.
रिपोर्ट के मुताबिक, विजय नायर ने कथित रूप से एक महिला को बाथटब में आने को कहा था. एक और महिला कर्मचारी को उसने रात में 2 बजे मालिश करने को कहा था.
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विजय नायर पर क्या हैं आरोप?
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, मनीष सिसोदिया के सहयोगी अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपये लिए थे. ये रकम विजय नायर की ओर से अर्जुन पांडे ने ली थी. बाद में नायर ने ये रकम कथित रूप से शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए सरकारी अफसरों को दी थी.
इतना ही नहीं, ये भी आरोप है कि विजय नायर ने कथित रूप से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत 'साउथ ग्रुप' से ली थी. साउथ ग्रुप ने ये रिश्वत आम आदमी पार्टी के नेताओं को देने के लिए उसे दी थी.
आरोप ये भी हैं कि एक बार विजय नायर ने वीडियो कॉल के जरिए केजरीवाल और गिरफ्तार आरोपी समीर महेंद्रू में बात भी करवाई थी. इस दौरान केजरीवाल ने समीर से कहा था कि विजय उनका आदमी है और उन्हें उसपर भरोसा करना चाहिए.
दिसंबर 2022 में ईडी ने शराब घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें ईडी ने विजय नायर को सीएम अरविंद केजरीवाल का 'बेहद करीबी' बताया था. उसी साल आरोपी अमित अरोड़ा की रिमांड कॉपी में ईडी ने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के लिए विजय नायर और दूसरे लोगों को 'साउथ ग्रुप' ने 100 करोड़ की रिश्वत दी थी.
विजय नायर को ईडी और सीबीआई, दोनों गिरफ्तार कर चुकी है. इस मामले में पिछले महीने ही ईडी ने तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के. कविता को भी गिरफ्तार किया था. आरोप है कि कविता ने 19-20 मार्च 2021 को विजय नायर से भी मुलाकात की थी.
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15 अप्रैल तक तिहाड़ में रहेंगे सीएम केजरीवाल
दिल्ली के कथित शराब घोटाले में केजरीवाल भी घिरे हुए हैं. इस कथित घोटाले में उनकी भूमिका की जांच को लेकर ईडी ने केजरीवाल को 9 समन जारी किए थे. ईडी ने सबसे पहला समन पिछले साल 2 नवंबर को भेजा था. लेकिन केजरीवाल किसी भी समन पर पेश नहीं हुए.
21 मार्च को केजरीवाल ने गिरफ्तारी से राहत के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी. हाईकोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया था. इसके बाद उसी दिन शाम 7 बजे ईडी की टीम 10वां समन लेकर केजरीवाल के आवास पर पहुंच गई थी.
ईडी की टीम ने केजरीवाल से दो घंटे तक पूछताछ की थी. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. केजरीवाल पहले मुख्यमंत्री हैं, जो पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुए हैं. अगले ही दिन राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को 28 मार्च तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया था. 28 मार्च को कोर्ट ने केजरीवाल को 1 अप्रैल तक की रिमांड पर भेज दिया था.
अब सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. ईडी ने कोर्ट में दावा किया है कि केजरीवाल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं.