
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है. छह जुलाई को यह चुनाव होना है. इस बार इस चुनाव पर सबकी नजर होगी, इसलिए नहीं मुकाबला कांटे होगा बल्कि इसलिए कि डब्ल्यूएफआई अपने निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के कारण काफी चर्चा में रहा. बृजभूषण पद देश की सात महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. उन पर पॉक्सो समेत दो एफआईआर दर्ज हुई हैं. वहीं विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत नामचीन पहलवान बृजभूषण की गिरफ्तारी को लेकर लगातार धरना दे रहे थे. चुनाव के नतीजे कब घोषित होंगे? कितने पदों पर चुनाव होगा? तीसरी बार WFI के अध्यक्ष बन चुके बृजभूषण क्या फिर से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकेंगे? ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब एक-एक करके जानते हैं.
1 जून को इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOA) की भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के साथ बैठक की थी. इसमें जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश महेश मित्तल कुमार को भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनावों के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त कर दिया गया था. 13 जून को उन्होंने अधिसूचना जारी कर दी. निर्वाचक मंडल के लिए 19 जून तक नाम देने के लिए कहा गया है. इसके लिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से दो-दो नाम शामिल किए जाएंगे. इसके बाद 22 जून को समीक्षा पूरी करने के बाद सूची जारी की जाएगी. चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 जून है. 27 जून को नामांकन का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद 28 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी. इसी दिन से 1 जुलाई तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे. इसके बाद 6 जुलाई को चुनाव होगा. परिणाम भी उसी दिन जारी कर दिए जाएंगे.
भारतीय कुश्ती महासंघ की कार्यसमिति में एक अध्यक्ष, एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष, चार उपाध्यक्ष, एक मानद महासचिव, एक मानद कोषाध्यक्ष और दो मानद संयुक्त सचिव होते हैं. इन्हीं पदों पर चुनाव भी होने हैं.
24 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की ओर से कुश्ती फेडरेशन में दो सदस्य हैं. रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के संविधान के आर्टिकल IV के मुताबिक, जनरल काउंसिल में राज्यों के रेसलिंग एसोसिएशन 2 प्रतिनिधि भेजते हैं. हर प्रतिनिधि के पास एक वोट देने का अधिकार होता है. दिल्ली को छोड़कर बाकी सभी केंद्र शासित प्रदेश एक प्रतिनिध जनरल काउंसिल में भेजने के हकदार हैं. वैसे सामान्यत: भारतीय कुश्ती संघ की चुनाव प्रक्रिया में 51 सदस्य शामिल होते हैं.
डब्ल्यूएफआई ने ‘भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन' समेत विभिन्न अनियमितताओं के कारण जून 2022 में कार्यकारी समिति की बैठक में कर्नाटक, हरियाणा और महाराष्ट्र की इकाइयों को भंग कर दिया था. वैसे इन राज्यों से कथित तौर पर दो अलग-अलग राज्य इकाइयों ने चुनाव की मतदाता सूची के लिए नाम भेजे हैं. अब चुनाव अधिकारी का यह फैसला करना है कि राज्य संघों में विरोधी गुटों में से कौन चुनाव में हिस्सा लेगा या नहीं.
बृजभूषण सिंह 2011 से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बने हुए थे. वह फरवरी 2019 में तीसरी बार अध्यक्ष चुने गए थे. इसके अलावा कार्यकारिणी समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्य निर्विरोध ही निर्वाचित हुए थे, लेकिन अब वे अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. दरअसल नियम है कि एक व्यक्ति तीन कार्यकाल यानी 12 साल से ज्यादा अध्यक्ष पद पर नहीं रह सकता. एक कार्यकाल चार साल का होता है. इसी तरह महासचिव या कोषाध्यक्ष आठ साल से ज्यादा समय के लिए पद पर नहीं रह सकते.
बृजभूषण के बेटे करण भूषण अभी यूपी कुश्ती संघ के प्रमुख हैं जबकि दामाद आदित्य प्रताप सिंह बिहार इकाई के प्रमुख हैं. सवाल है कि अगर बृजभूषण चुनाव नहीं लड़ेंगे तो क्या उनके परिवार के सदस्यों को चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा? पिछले दिनों खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों को आश्वासन दिया था कि इस बार न तो बृजभूषण के परिवार के सदस्यों और न ही उसके सहयोगियों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि दोनों चुनाव में भाग लेंगे और अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.