क्या पीएम मोदी और एनडीए गठबंधन के मंत्रियों के शपथ समारोह से पहले टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने नाराजगी जाहिर की? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के जरिए लोग कुछ ऐसा ही कह रहे हैं. वीडियो किसी सदन का लगता है, जहां अपनी सीट के पास खड़े होकर चंद्रबाबू नायडू को तेलुगू में तल्ख लहजे में कुछ बोलते हुए देखा जा सकता है. अपनी बात खत्म करने के बाद नायडू हाथ जोड़ते हैं और सदन से बाहर निकल जाते हैं.
वीडियो को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कई लोग शेयर कर चुके हैं. वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, “NDA सरकार में शपथ से पहले नायडू जी बहुत गुस्से में”. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
बता दें कि टीडीपी के राम मोहन नायडू को नागरिक उड्डयन मंत्री बना कर केंद्रीय कैबिनेट में जगह दी गई है. वहीं चंद्रशेखर पेम्मासामी को ग्रामीण विकास मंत्रालय और संचार मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है.
इससे पहले 6 जून को छपी न्यूज 18 की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि टीडीपी ने लोकसभा स्पीकर पद की मांग की है. इस बात की पुष्टि करना तो मुश्किल है लेकिन इन्हीं सब बातों के मद्देनजर ये वीडियो वायरल हो रहा है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये आंध्र प्रदेश विधानसभा का 2021 का वीडियो है. इसका नई सरकार के गठन से कोई संबंध नहीं है.
कैसे पता चली सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च की मदद से खोजने पर हमें ये वीडियो नवंबर 2021 के एक इंस्टाग्राम पोस्ट में मिला. इतनी बात तो यही साफ हो गई कि ये वीडियो पुराना है.
थोड़ा और सर्च करने पर हमें ये वीडियो मीडिया संस्था “V6 न्यूज तेलगू” के यूट्यूब चैनल पर भी मिला. यहां इसे 19 नवंबर 2021 को अपलोड किया गया था और आंध्र प्रदेश विधानसभा का बताया गया था.
इस वीडियो के बारे में उस समय रेडिफ डॉट कॉम ने भी एक खबर छापी थी. खबर में बताया गया है कि आंध्र प्रदेश में तत्कालीन वाईएसआर कांग्रेस सरकार के सर्मथकों ने कथित तौर पर नायडू की पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसी से नाराज होकर वो सदन छोड़कर चले गए थे.
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, सदन से वॉकआउट के बाद नायडू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी जिसमें वो रो पड़े थे. उनका कहना था कि उनकी पत्नी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और इसका जवाब देने का उनको मौका भी नहीं दिया गया. इससे पहले सदन में टीडीपी और तत्कालीन सत्ताधारी वाईएसआर कांग्रेस के बीच तीखी बहस हुई थी.
यहां स्पष्ट हो जाता है कि चंद्रबाबू नायडू के लगभग ढाई साल पुराने वीडियो को अभी का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है.