उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हुई हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ये मामला और गर्म हो गया है. बीते दिनों वहां के महसी तहसील के हरदी क्षेत्र में दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी गई थी.
इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसे शेयर करते हुए लोग दावा कर रहे हैं कि असल में बवाल कैसे शुरू हुआ इसकी असलियत इसी वीडियो से पता चलती है.
वायरल वीडियो में कुछ लोग लाउडस्पीकर पर तेजी से बजते गाने के साथ नाचते गाते, भगवा झंडे लहराते हुए एक गली से निकल रहे हैं. तभी एक घर के बाहर खड़े कुल लोगों में से एक आदमी झंडा खींच कर फेंक देता है और उसके बाद झड़प शुरू हो जाती है.
'एक्स' पर शिवम दीक्षित नाम के यूज़र ने इसी वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "बहराइच के इस सच को वायरल करो हिंदुओं..गौर से देखो पहले जिह!दियों ने पहले भगवा ध्वज छीनकर फाड़ फेंका, पीछे से दुर्गा शोभायात्रा पर पत्थर फेंका। इसी के बाद बहराइच में माहौल खराब हुआ। दिखाओ दुनिया को असली दंगाई कौन है..??"
फ़ेसबुक पर भी तमाम लोगों ने इसी दावे के साथ ये वीडियो शेयर किया है, जिन्हें यहाँ और यहाँ देखा जा सकता है।
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि यह घटना उत्तर प्रदेश में महराजगंज ज़िले के निचलौल थानाक्षेत्र के मिश्रौलिया गांव की है जो बहराइच से करीब सवा दो सौ किलोमीटर दूर है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल पोस्ट के नीचे कमेंट में कुछ लोगों ने लिखा है कि ये घटना बहराइच की नहीं बल्कि महराजगंज की है. हमने की-वर्ड्स से गूगल पर सर्च किया तो हमें इस बारे में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं.
ईटीवी भारत की 12 अक्टूबर, 2024 की एक रिपोर्ट के मुताबिक “निचलौल थानाक्षेत्र के मिश्रौलिया गांव में शुक्रवार की शाम को दुर्गा पूजा डोल जुलूस के दौरान साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने का प्रयास किया गया. एक समुदाय के लोगों ने दूसरे समुदाय के धार्मिक झंडे छीनकर जमीन पर फेंक दिए और भीड़ पर पत्थरबाजी की. इस घटना से भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए है. पुलिस की मौजूदगी में इस दुस्साहस से क्षेत्र में तनाव फैल गया. घटना के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. वहीं, पुलिस ने मामले में 12 नामजद और 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.”
हिंदुस्तान और इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक भी ये घटना महराजगंज के मिश्रौलिया गांव की है और इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था.
हमने निचलौल थाने में भी संपर्क किया और उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि ये घटना उन्हीं के इलाके में हुई थी और इसको लेकर गिरफ्तारी भी हो चुकी है.
यानि ये बात साफ है कि दोनों घटनाएं इसी साल की हैं लेकिन ये वायरल वीडियो बहराइच में हुए घटनाक्रम को नहीं दिखाता.
(अभिषेक पाठक की रिपोर्ट)