हाल ही में चेन्नई की एक महिला को लंदन में उसके बांग्लादेशी प्रेमी ने कथित तौर पर अगवा कर लिया और उसका धर्म परिवर्तन कराया. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस घटना की जांच कर रही है. अपहरण और धर्मपरिवर्तन का ये मामला सामने आने के बाद भारतीय सोशल मीडिया पर लव जिहाद एक बार फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है.
इसी बीच, सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों का एक कोलाज वायरल हो रहा है. एक तस्वीर में एक महिला है और दूसरी तस्वीर में उसका जला हुआ चेहरा है. दावा किया जा रहा है कि ये लड़की हिंदू है जिसपर उसके मुस्लिम बॉयफ्रेंड ने हमला किया. एक इंस्टाग्राम यूजर ने ये कोलाज पोस्ट करते हुए लिखा है, “#lovejihad कह रही थी मेरा वाला ऐसा नही है हिन्दू बहनो अभी भी वक्त ह इन लोगो से दूर रहो. जयश्रीराम”.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. तस्वीर में दिख रही महिला मुस्लिम है, जिस पर 2017 में लंदन में एक गोरे आदमी ने हमला किया था.
कई ट्विटर यूजर्स ने भी ये कोलाज पोस्ट करते हुए लव जिहाद का दावा किया है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.
AFWA की पड़ताल
रिवर्स सर्च की मदद से हमने पाया कि वायरल हो रहा फोटो कोलाज 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की फोटो गैलरी में भी मौजूद है. ये फोटो गैलरी एक उभरती हुई मॉडल रेशमा खान के बारे में थी. 21 जून, 2017 को लंदन के बेकटन में रेशमा खान और उसका चचेरा भाई जमील मुख्तार, दोनों ट्रैफिक में फंसे थे. इस दौरान जब वे अपनी कार में ट्रैफिक खुलने का इंतजार कर रहे थे, तभी जॉन टॉमलिन नाम के एक गोरे आदमी ने उन दोनों पर एसिड फेंका था. उस दिन रेशमा का 21वां जन्मदिन था.
'बीबीसी' की 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जॉन ने “ये कबूल किया था कि उसने दोनों को शारीरिक नुकसान पहुंचाने के इरादे से उन पर हमला किया था”. इसके बाद उसे 16 साल की सजा हो गई थी.
इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खूब कवरेज मिली थी. न्यूज वेबसाइट 'Independent' के मुताबिक, रेशमा के भाई जमील का कहना था कि ये अटैक लंदन में बढ़ रहे इस्लामोफोबिया का नतीजा है.
कुछ महीने बाद रेशमा की हालत में सुधार होने लगा और उन्होंने अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं. हाल-फिलहाल की उनकी कुछ तस्वीरें उनके ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट पर देखी जा सकती हैं.
इस पड़ताल से ये निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वायरल पोस्ट में लड़की के जख्मी चेहरे के साथ लव जिहाद का दावा गलत है. लंदन में हुए इस एसिड अटैक में पीड़िता मुस्लिम थी, जिस पर एक गोरे व्यक्ति ने हमला किया था.