
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर मंगलवार, 11 दिसंबर को सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. लेकिन लगता है कि राजनीतिक कहा-सुनी अब भी जारी है, कम से कम सोशल मीडिया पर. रविवार को यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी का 72वां जन्मदिन था. रविवार को ही राजस्थान चुनाव कैम्पेन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण की वीडियो क्लिप वायरल हो गई.
कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने पार्टी समर्थक गौरव पांधी की वीडियो सहित एक पोस्ट को रीट्वीट भी किया. साथ ही टिप्पणी को ‘घिनौना’ बताया. ट्वीट में दावा किया गया था कि ‘‘मोदी ने राहुल गांधी की मां को ‘कांग्रेस की विधवा’ कह कर संबोधित किया. यही दो सभ्यताओं में अंतर हैं जिनकी कांग्रेस और आरएसएस नुमाइंदगी करते हैं...”
हजारों लोगों ने पांधी के ट्वीट को रीट्वीट किया और वीडियो क्लिप को देखा. 10 सेकंड के वीडियो क्लिप में प्रधानमंत्री को भगवा साफा पहने हुए देखा जा सकता है.
वीडियो कुछ धुंधला लगता है. इसमें मोदी को कहते सुना जा सकता है- ‘ये कांग्रेस की कौन सी विधवा थी, जिसके खाते में रुपया जाता था.’
लोगों ने प्रधानमंत्री की ओर से कथित तौर पर सोनिया गांधी के लिए की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. शाहिद सिद्दीकी जैसे राजनेता ने इस तरह की टिप्पणी के लिए प्रधानमंत्री से माफ़ी मांगने की मांग भी कर डाली.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विधवा’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए ये टिप्पणी जयपुर में चुनाव कैम्पेन के दौरान की थी. उन्होंने कोई नाम नहीं लिया था लेकिन शब्द का इस्तेमाल इस तरह किया कि कई लोगों ने इसे ऐसे समझा कि ये सोनिया गांधी को लेकर कहा गया.
पीएम मोदी ने 4 दिसंबर को जयपुर में चुनावी रैली में , में कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों को लेकर हल्ला बोला था. इसी दौरान वो विधवा पेंशन स्कीम का हवाला दे रहे थे. मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस के शासन के दौरान सरकारी सूचियों में हज़ारों ‘विधवाओं’ के नाम दर्ज़ थे लेकिन हकीकत में उनका कोई वजूद ही नहीं था और पैसा इन विधवा खातों में जाता था.’
प्रधानमंत्री का भाषण उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड है. मूल भाषण में 42वें मिनट पर मोदी कथित विधवा पेंशन योजना के बारे में बात करना शुरू करते हैं. भाषण के इस हिस्से में उन्होंने जो कहा, वो जस का तस इस प्रकार है- “हमारे देश में, कांग्रेस ने ऐसी सरकार चलाई कि जो बेटी पैदा नहीं हुई, जिस बेटी का जन्म नहीं हुआ, वो कांग्रेस सरकारों के कागज़ पे वो बेटी विधवा भी हो गई...और बेटी का विधवा पेंशन भी मिलना भी शुरू हो गया...ये रुपए कौन कौन विधवा थी जो लेती थी? ये कांग्रेस की कौन सी विधवा थी, जिसके खाते में रुपया जाता था.”
मोदी ने अपने चुनाव कैम्पेन के दौरान नेहरू-गांधी परिवार पर तीखे प्रहार किए थे. जिस भाषण का संदर्भ दिया जा रहा है वो भी इससे अलग नहीं था. हालांकि मोदी ने ‘विधवा’ टिप्पणी करते हुए सोनिया गांधी का नाम खुले तौर पर नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर यूजर्स को अपने अपने हिसाब से अर्थ निकालने का मौका मिल गया कि प्रधानमंत्री असल में क्या कहना चाहते थे.