
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के दो टॉप अफसरों का झगड़ा पूरी जंग में तब्दील होने से देश की प्रीमियर जांच एजेंसी को अंदर तक हिला दिया. सरकार ने एजेंसी की कमान संभालने वाले आलोक वर्मा और उनके डिप्टी राकेश अस्थाना को मौजूदा लड़ाई के चलते छुट्टी पर भेज दिया. सीबीआई में उठे इस भूकंप के झटके देश के साथ सोशल मीडिया पर भी ज़ोर से महसूस किए गए.
छुट्टी पर जाने से पहले स्पेशल डायरेक्टर के पद पर रहे राकेश अस्थाना के समर्थन में मंगलवार तक ट्वीटस की झड़ी लगी हुई थी. साथ ही #RakeshAsthanaSupport और #CBIvsCBI ट्रेंड होने लगे. हालांकि बुधवार को कई ट्विटर यूजर्स ने अस्थाना की जगह सीबीआई अफसर एके शर्मा के समर्थन में ट्वीट करना शुरू कर दिया.
मंगलवार को इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल में पाया कि अस्थाना का समर्थन करने वाले अधिकतर ट्विटर हैंडल संदिग्ध थे.( https://www.indiatoday.in/fact-check/story/fact-check-brand-new-netizens-pour-support-for-bribery-accused-cbi-special-director-rakesh-asthana-1373313-2018-10-23 )
24 घंटे के अंदर ही हमने पाया कि जो हैंडल #RakeshAsthanaSupport से अस्थाना के समर्थन में ट्वीट कर रहे थे, उन्होंने #AKSharmaHonestMan. से शर्मा के समर्थन में ट्वीट करना शुरू कर दिया.अस्थाना की तरह शर्मा भी गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर हैं. वो सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर के पद पर थे. हालांकि बुधवार को विवाद के तूल पकड़ने के बाद शर्मा को भी अन्य सीबीआई अधिकारियों के साथ ट्रांसफर कर दिया गया.
मीडिया रिपोर्ट ( https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/war-within-cbi-rakesh-asthana-writes-to-cvc-against-jt-director-ak-sharma ) के मुताबिक शर्मा पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के करीबी थे.
पहले अस्थाना और फिर शर्मा के समर्थन में अचानक ट्वीट होने से संदेह (https://twitter.com/nishatshamsi/status/1054939994706665472 ) इंटरनेट यूजर्स के मन में जगा. कई ने इन ट्वीट्स की बाढ़ को बॉट्स का खेल बताया.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने समान ट्विटर हैंडल्स को पहले अस्थाना और फिर एक दिन के अंतराल में ही शर्मा के समर्थन में ट्वीट करते पाया.
जैसे कि #AKSharmaHonestMan के लिए ये ट्वीट 23 अक्टूबर को करीब करीब समान समय पर ही किए गए. ऐसा ही पैटर्न 21 अक्टूबर को #RakeshAsthanaSupport के साथ किए गए ट्वीट्स में पाया गया.
इन ट्विटर हैंडल्स के प्रोफाइल्स, पोस्ट और बायो को बारीकी से देखा गया तो पाया कि इन पर दी गई अधिकतर जानकारी काल्पनिक है. दिलचस्प है कि इन सभी हैंडल्स के बड़ी संख्या में फॉलोअर्स (10,000 से लेकर 90,000) हैं और ये अधिकतर ट्रेंडिंग टॉपिक पर एक दूसरे की पोस्ट को प्रमोट करते हैं.