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फैक्ट चेक: महात्मा गांधी की ये फर्जी तस्वीर फिर से हुई वायरल

एक ट्विटर यूजर ने इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा है कि गांधी जी के दांत नहीं थे तब. इस ट्वीट के कमेंट सेक्शन में लोग गांधी जी के लिए आपत्तिजनक बातें भी लिख रहे हैं.

आजतक फैक्ट चेक

दावा
एक तस्वीर जिसमें गांधी जी को एक महिला के बेहद नज़दीक देखा जा सकता है.
सच्चाई
वायरल तस्वीर फर्जी है और कई सालों से वायरल है. असली तस्वीर में गांधी जी पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ बैठे दिख रहे हैं
अर्जुन डियोडिया
  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 9:43 PM IST

सोशल मीडिया पर महात्मा गांधी की एक तस्वीर शेयर की जा रही है. तस्वीर में देखा जा सकता है कि महात्मा गांधी एक महिला के साथ हैं और दोनों एक-दूसरे के बेहद नजदीक मौजूद हैं. उनके चेहरे बेहद पास हैं. गांधी जी की नाक महिला की नाक से छू रही है. वे दोनों ही मुस्करा रहे हैं. इस तस्वीर के जरिये महात्मा गांधी की शख्सियत पर टिप्पणी की जा रही है.

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एक ट्विटर यूजर ने इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा है, "गांधी जी के दांत नहीं थे तब". इस ट्वीट के कमेंट सेक्शन में लोग गांधी जी के लिए आपत्तिजनक बातें भी लिख रहे हैं.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह तस्वीर फर्जी है. असली तस्वीर में गांधी जी पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ बैठे दिख रहे हैं.

इस फर्जी पोस्ट को अभी तक तकरीबन 200 बार लाइक किया जा चुका है. लोग तस्वीर को असली समझ कर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. वायरल ट्वीट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

तस्वीर को इंटरनेट पर खोजने पर इसकी सच्चाई सामने आ गई. असली तस्वीर हमें न्यूज़ एजेंसी Associated Press की वेबसाइट पर मिली. असली तस्वीर में गांधी जी को जवाहरलाल नेहरू के साथ हंसते हुए कुछ बातचीत करते देखा जा सकता है. साथ में जवाहरलाल नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी पंडित भी नजर आ रही हैं.

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‘द​ इंडियन एक्सप्रेस’ की फोटो गैलरी में दसवें नंबर पर यही तस्वीर देखी जा सकती है, जिसका कैप्शन है, “पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी”.

ये तस्वीर 6 जुलाई, 1946 को मुंबई में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की एक सभा के दौरान खींची गई थी. इस तस्वीर को Associated Press के फोटोग्राफर मैक्स देस्फोर ने लिया था. मैक्स देस्फोर को कोरियाई युद्ध के दौरान खींची गई एक फोटो के लिए पुलित्जर पुरस्कार भी मिल चुका है.

ये फर्जी तस्वीर कई सालों से सोशल मीडिया पर वायरल होती रही है. कई बार इस तस्वीर को फर्जी बताते हुए खबर भी प्रकाशित की जा चुकी है.

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