क्या जयपुर में कुछ मुसलमानों ने आरएसएस कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया? कई सोशल मीडिया यूजर्स का यही कहना है. दावे के मुताबिक, जयपुर के करणी विहार इलाके में एक कार्यक्रम के लिए इकट्टा हुए करीब 10 आरएसएस कार्यकर्ताओं पर मुसलमानों ने चाकुओं से वार किया. ऐसा कहने वाले लोग हिंदुओं को आगाह कर रहे हैं कि जब देश में आरएसएस के कार्यकर्ता ही सुरक्षित नहीं हैं( https://www.facebook.com/watch/?v=1216260799490369 ), तो आम हिंदुओं का क्या हाल होगा.
इन सोशल मीडिया पोस्ट्स में लोग इस घटना से संबंधित ‘आजतक’ की वीडियो रिपोर्ट शेयर कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि मीडिया इस घटना के मुसलमान आरोपी का नाम छिपा रही है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस घटना के आरोपी मुसलमान नहीं, बल्कि हिन्दू हैं जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीवर्ड सर्च की मदद से हमें इस घटना से संबंधित कई खबरें मिलीं. इनके मुताबिक जयपुर के करणी विहार इलाके में 17 अक्टूबर की रात को आरएसएस के करीब 10 कार्यकर्ता एक मंदिर में इकट्टा हुए थे. शरद पूर्णिमा के अवसर पर ये लोग मंदिर में खीर वितरण कर रहे थे. अचानक कुछ लोग वहां आकर हंगामा करने लगे और फिर आरएसएस कार्यकर्ताओं पर चाकू से हमला कर दिया. करीब 10 लोग घायल हो गए, जिन्हें सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया.
घटना के सीसीटीवी फुटेज में भी देखा जा सकता है कि मंदिर परिसर में कुछ लोग आराम से बैठे थे. अचानक एक शख्स आया और खीर के बर्तन को लात मारकर गिरा दिया. दोनों पक्षों के बीच कुछ देर बहसबाजी होने के बाद आरोपी ने इन लोगों पर हमला कर दिया.
खबरों के मुताबिक हमला करने वाले व्यक्ति का नाम नसीब चौधरी है, जो मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था. साथ ही, नसीब के बेटे को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.
न्यूज एजेंसी एएनआई ने 18 अक्टूबर को एसीपी कुंवर राष्ट्रदीप के बयान का वीडियो शेयर किया था. इसमें वो कहते हैं कि जयपुर के मंदिर में जागरण और प्रसाद वितरण कार्यक्रम के दौरान हमला करने वाले आरोपी नसीब चौधरी और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है. पीड़ित पक्ष और आरोपी, दोनों ही हिन्दू हैं.
जानकारी को पुख्ता करने के लिए हमने डीसीपी (वेस्ट) जयपुर अमित कुमार से बात की. उन्होंने हमें बताया कि हमलावर मंदिर के पास रहते थे. कार्यक्रम के दौरान शोर होने से नाराज होकर उन्होंने घटना को अंजाम दिया. इस दौरान 2 लोगों को चोटें आई और 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें नसीब सिंह चौधरी, उनकी पत्नी निर्मला चौधरी, और उनके बेटे भीष्म सिंह चौधरी शामिल हैं. वहीं, रिपोर्ट लिखवाने आए पीड़ित का नाम हरेन्द्र सिंह चौधरी है. दोनों ही पक्ष हिन्दू हैं.
इससे पहले, साल 2002 में भी नसीब सिंह चौधरी को एक अन्य केस में गिरफ्तार किया गया था.
आजतक ने नहीं छुपाया आरोपी का नाम
'आजतक' की जो वीडियो रिपोर्ट वायरल पोस्ट में इस्तेमाल की गई है, वो इस घटना की शुरुआती रिपोर्ट थी जब इससे जुड़ी जानकारियां सामने आ ही रही थीं. उस वक्त पुलिस अज्ञात हमलावरों की तलाश कर रही थी. आरोपी के पकड़े जाने पर 'आजतक' ने इस मामले को लेकर एक और खबर छापी जिसमें आरोपी का नाम साफ-साफ लिखा हुआ है.