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फैक्ट चेक: बदमाशों से लड़की को बचाने की ये कहानी यूपी की नहीं है

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि ये दावा भ्रामक है. ये घटना मार्च, 2019 में पंजाब के तरन तारन में हुई थी. पोस्ट में जिस व्यक्ति की तस्वीर इस्तेमाल की गई है वे पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता चेतन सिंह हैं. एक लड़की को बचाने के दौरान गोली लगने की वजह से वे घायल हो गए थे, लेकिन ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है कि उन्होंने दो हमलावरों को मार दिया.

आजतक फैक्ट चेक

दावा
तस्वीर में दिख रहे शख्स ने यूपी के शाहजहांपुर के पास एक लड़की को गैंग रेप से बचाया. उसने चार में से दो बदमाशों को मार डाला और तीन गोली लगने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में हैं.
सच्चाई
ये घटना यूपी में नहीं बल्कि मार्च 2019 में पंजाब के तरन तारन में घटी थी. लड़की को बचाने के दौरान चेतन सिंह को गोली लगी थी लेकिन ये बात सच नहीं है कि उन्होंने दो हमलावरों को मार डाला.
धीष्मा पुज़क्कल
  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

हाथरस की घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश की सरकार और पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लोगों के निशाने पर है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के सभी राज्यों में से उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा है.
 
इसी बीच लाल पगड़ी पहने एक व्यक्ति की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि इस शख्स ने एक लड़की को गैंग रेप से बचाया और लड़की पर हमला करने वाले चार बदमाशों में से दो को मार डाला. लड़की को बचाने में इस व्यक्ति को तीन गोलियां लगीं और अब वह गंभीर हालत में है. दावे में कहा जा रहा है कि ये घटना उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर के पास हुई.
 
एक ट्वीट में लिखा गया, “एक बहादुर शख्स यूपी के शाहजहांपुर के पास यात्रा पर था. उसने एक अनजान लड़की को चार गैंगस्टर्स के गैंगरेप से बचाया और उनमें से दो को मार डाला. उसे तीन गोलियां लगीं और गंभीर हालत में अस्पताल में है. किसी मीडिया ने ये खबर नहीं छापी.”

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि ये दावा भ्रामक है. ये घटना मार्च, 2019 में पंजाब के तरन तारन में हुई थी. पोस्ट में जिस व्यक्ति की तस्वीर इस्तेमाल की गई है वे पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता चेतन सिंह हैं. एक लड़की को बचाने के दौरान गोली लगने की वजह से वे घायल हो गए थे, लेकिन ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है कि उन्होंने दो हमलावरों को मार दिया.

ऐसा ही दावा फेसबुक पर भी वायरल हो रहा है. पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखा जा सकता है.

AFWA की पड़ताल

हमें एक ट्वीट मिला जो इस दावे के जवाब में शाहजहांपुर पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है. इसमें कहा गया है कि ये घटना शाहजहांपुर जिले की नहीं है.
 
पुलिस ने अपने बयान में लिखा, “सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किया जा रहा है कि एक बहादुर सिख ने यात्रा के दौरान शाहजहांपुर में एक लड़की को बचाया और बदमाशों ने उन्हें गोली मारकर घायल कर दिया. जनपद में ऐसी कोई घटना घटित नहीं हुई है. यह पूर्णत: अफवाह है. ये फर्जी खबर वायरल करने वाले के​ विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जा रही है.”

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इस ट्वीट से अंदाजा लगाते हुए हमने कुछ कीवर्ड्स के साथ इस तस्वीर को रिवर्स सर्च किया. हमने पाया कि ये तस्वीर पिछले साल पंजाबी भाषा में छपे एक लेख में इस्तेमाल की गई है.
 
14 मार्च, 2019 को छपे इस लेख के मुताबिक, ये तस्वीर आम आदमी पार्टी की पटियाला यूनिट के अध्यक्ष चेतन सिंह की है. लेख में कहा गया है कि चेतन सिंह ने तरन तारन में एक लड़की को छह बदमाशों से बचाया था. वे लड़की का अपहरण करने की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान चेतन को गोली लगी थी.

हमें 2019 की इस घटना के बारे में कई मीडिया रिपोर्ट मिलीं.  

द टाइम्स ऑफ इंडिया” के मुताबिक, तरन तारन जिले के पट्टी में एक लड़की को अपहरणकर्ताओं से बचाने की कोशिश करते हुए चेतन की गर्दन  में गोली लगी थी.

आईजीपी सुरिंदर पाल सिंह परमार के हवाले से लेख में कहा गया है कि लड़की आधार कार्ड लेने के लिए पट्टी आई थी और वापस लौटते समय छह युवकों ने एक कार में उसका अपहरण करने की कोशिश की. चेतन अपने किसी रिश्तेदार से मिलने के लिए पट्टी गए थे. वे मौके पर पहुंच गए और युवकों को ऐसा करने से रोका. लेख में चेतन की एक अस्पताल की भी फोटो है जब उनका इलाज चल रहा था.  

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इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी एक ट्वीट मिला.

 

हालांकि, हमें किसी विश्वसनीय सोर्स से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें कहा गया हो कि चेतन ने लड़की को बचाने की कोशिश करते हुए हमलावरों में से दो को मार डाला.
 
पड़ताल से जाहिर है कि ये घटना एक साल से ज्यादा पुरानी है और यूपी ​की नहीं बल्कि पंजाब की है. ये भी सच है कि लड़की को बचाने की कोशिश में उस व्यक्ति को गोली लगी थी, लेकिन चार में से दो हमलावरों को मार डालने की भी बात सच नहीं है.
 

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