बांग्लादेश में सियासी उठापटक के बीच देश के अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की कई खबरें सामने आई हैं.
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें भीड़ को किसी बिल्डिंग पर चढ़े देखा जा सकता है. लोग इस बिल्डिंग के बोर्ड और दरवाजे को तोड़ रहे हैं.
अंत में दिखता है कि दरवाजा टूटने के बाद एक शख्स बाहर निकल कर भागता है और भीड़ में से कुछ लोग उसके पीछे भागते हैं. बिल्डिंग के सामने सड़क पर भारी संख्या में लोग मौजूद हैं जो शोर मचा रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर्स की मानें तो ये बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के लोगों पर हाल ही में हुए हमले का वीडियो है.
एक एक्स यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “ऐसे अटैक हो रहे हैं बंगलादेश के हिंदुओं पर..बांग्लादेश कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं पर आज भी क्रूरता जारी है और हिंदुओं को छतों से कूद कर मरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। #हिंदु_बचाओ अपील”
वीडियो को इन्हीं दावों के साथ फेसबुक पर भी शेयर किया गया है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो हिन्दू समुदाय पर हमले का नहीं है. ये हमला 5 अगस्त को ढाका में बांग्लादेश पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच के एक ऑफिस पर हुआ था.
कैसे पता चली सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 8 अगस्त 2024 को बांग्लादेशी न्यूज चैनल “bdnews24” के यूट्यूब चैनल पर मिला. बांग्ला में लिखे कैप्शन के अनुसार इस वीडियो में भीड़ ने एक पुलिस अफसर पर हमला किया था.
खोजने पर हमें वायरल वीडियो एक लिंक्डइन अकाउंट पर मिला. यहां इस वीडियो को 7 अगस्त 2024 को पोस्ट किया गया था. यहां वीडियो के साथ बांग्ला में लिखा है, “जनता का गुस्सा”.
गौर से देखने पर हमें इस वीडियो के नीचे वाले हिस्से में वीडियो रिकॉर्ड होने का टाइम नजर आया. इसके अनुसार, ये वीडियो 5 अगस्त 2024 को शाम 5:27 बजे रिकॉर्ड किया गया था. 5 अगस्त को ही शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ा था.
इसके बाद हमें इस घटना से जुड़े और भी वीडियोज फेसबुक पर मिले. इन वीडियोज में हमले का शिकार हुई बिल्डिंग के बाहर आगजनी होते हुए भी देखी जा सकती है. 5 अगस्त को अपलोड किये गए वीडियोज में इस जगह को केरानीगंज का डीबी ऑफिस बताया गया है. डीबी, बांग्लादेश पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच को कहा जाता है.
इस जानकारी के आधार पर हमने इस जगह को गूगल मैप्स पर भी ढूंढ निकाला. ये जगह ढाका के केरानीगंज में स्थित डीबी साउथ का दफ्तर है. गूगल मैप्स पर मौजूद तस्वीर और वायरल वीडियो में दिख रही जगहें पूरी तरह मेल खाती हैं. साथ ही वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि जिस बोर्ड को तोड़ा जा रहा है, उसपर बांग्ला में “बांग्लादेश पुलिस” लिखा है.
यहां ये बात साफ हो गई कि ये हमला प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस कार्यालय पर किया गया था. दरअसल, 5 अगस्त से पहले बांग्लादेश में कोटा आंदोलन चल रहा था. इसमें कई प्रदर्शनकारियों की पुलिस गोलीबारी में मौत हुई थी.
संयुक्त राष्ट्र की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के प्रदर्शन में अब तक करीब 650 लोगों की मौत हुई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 16 जुलाई से 4 अगस्त के बीच 400, और 5-6 अगस्त को 250 लोगों की मौत हुई है.
इनमें से कई प्रदर्शनकारी भी थे जो 5 अगस्त से पहले पुलिस द्वारा शूट एट साइट ऑर्डर के दौरान मारे गए थे.
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के विरोध में ही शेख हसीना के जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों और पुलिस थानों को निशाना बनाया था. सिर्फ 5 अगस्त को ही करीब 450 थानों पर हमला किया गया था. bdnews24 की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी ढाका में 50 पुलिस थानों पर हमला किया गया था.
वायरल वीडियो भी पुलिस थाने पर हुए हमले का ही है. हालांकि, हम ये तो नहीं कह सकते कि वीडियो में जिस पुलिस अफसर के पीछे लोग भाग रहे हैं वो हिन्दू था या मुस्लिम, लेकिन ये बात साफ है कि ये हमला हिन्दू समुदाय पर नहीं बल्कि पुलिस थाने पर हुआ था.