इस साल आजादी के 75वें साल में सरकार ने हर घर तिरंगा लगाने की मुहिम चलाई. हो सकता है आपने भी अपनी बालकनी या छत पर तिरंगा लगाया हो. लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मुस्लिम युवक गाड़ी में तिरंगा लगाने का विरोध करता है और मारपीट तक पर उतारू हो जाता है.
ऐसा कहा जा रहा है कि ये यूपी की राजधानी लखनऊ का एक वाकया है जहां एक मुस्लिम युवक कुछ हिंदू लड़कों की बाइक से झंडा हटवाने पर अड़ गया. इसे शेयर करते हुए लोग मुसलमानों पर निशाना साध रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस मुस्लिम युवक को तिरंगे से इतनी दिक्कत क्यों है?
वीडियो में कुछ लड़के हाथ में तिरंगा लेकर दो मोटरसाइकिलों और एक स्कूटी के पास खड़े हैं. इनमें से एक ने भगवा कपड़े पहन रखे हैं. एक बाइक पर तिरंगा झंडा लगा है. ये देखकर वहीं खड़ा एक सफेद टोपी वाला लड़का कहता है, ‘गाड़ी में झंडा नहीं लगेगा’. ये सुनकर बाकी लड़के भड़क जाते हैं और पूछते हैं, “गाड़ी मेरी, झंडा मेरा, क्यों न लगाऊं?”
इसके बाद झंडा पकड़े हुए लोग टोपी वाले लड़के से कहते हैं, “आप जैसे लोग ही आतंक फैलाते हैं.” टोपी वाला शख्स पूरे वीडियो में इसी बात पर अड़ा रहता है कि गाड़ी में झंडा नहीं लगेगा.
वीडियो को पोस्ट करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “मुस्लिम युवक ने कहा, अपनी गाड़ी से झंडा उतारो. कहा मर गए सारे के सारे लिब्रांडु गैंग? कहा गया वो संविधान, जिसकी ये दुहाई देते फिरते है? आज खान गैंग पे मुह पे बड़ा सा ताला क्यु लगा है? कहा मर गए आज तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले.”
अगर आप इस वीडियो पर किए जा रहे कमेंट्स पर गौर करें तो पाएंगे कि इनमें से कई में मुस्लिमों के साथ हिंसा करने की बात कही गई है.
इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये वीडियो सीतापुर, यूपी के कुछ युवाओं ने अपनी समझ से जागरूकता फैलाने के मकसद से बनाया था. इसमें सफेद टोपी पहने हुए शख्स मुस्लिम नहीं, हिंदू है और उसका नाम पंकज कुमार है. वीडियो को बनाने वाली टीम के सदस्यों ने ‘आजतक’ से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो में पल भर के लिए छोटा सा, धुंधला ‘डिस्क्लेमर’ दिखता है. इसमें लिखा है कि ये एक स्क्रिप्टेड वीडियो है जिसे जागरूकता फैलाने के मकसद से बनाया गया था.
वीडियो में एक जगह लाल रंग की स्कूटी की रजिस्ट्रेशन प्लेट का नंबर ‘UP32KE3392’ दिखाई दे रहा है.
इस नंबर को हमने ‘सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय’ की वेबसाइट पर डालकर चेक किया. यहां से हमें पता लगा कि ये स्कूटी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में रजिस्टर्ड है.
साथ ही, ये भी जानकारी मिली कि ये ‘हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड’ कंपनी की डुएट मॉडल की स्कूटी है. हमने ‘हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड’ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डुएट मॉडल की स्कूटी का डिजाइन देखा. ये वायरल वीडियो में दिख रही स्कूटी से काफी मिलता है.
इतनी जानकारी पता लगने के बाद हमने लखनऊ के आरटीओ ऑफिस में संपर्क किया. वहां काम करने वाले एक व्यक्ति ने हमें बताया कि ‘UP32KE3392’ नंबर की स्कूटी ‘संजीवनी हॉस्पिटल’ के नाम पर रजिस्टर्ड है. हमने ‘संजीवनी हॉस्पिटल’ के मालिक से फोन पर बात की. उन्होंने हमें परमानंद नाम के एक व्यक्ति का नंबर दिया और कहा कि वो वीडियो बनाने वाले लोगों में से एक हैं.
कब और कहां बना था ये वीडियो?
इसके बाद हमने परमानंद से फोन पर बात की. उन्होंने बताया कि ये स्कूटी फिलहाल उनके पास है और वो महमूदाबाद, सीतापुर, यूपी के बिलौली नानकारी गांव में रहते हैं. परमानंद ने बताया कि ये वीडियो उन्होंने और उनके दोस्तों सुशील, बब्बू, पंकज और अजय वर्मा ने बनाया था. 15 अगस्त के दिन इन दोस्तों ने इस वीडियो को बिलौली नानकारी गांव के पास ही शूट किया था. मुस्लिम व्यक्ति की भूमिका पंकज कुमार ने अदा की थी जो कि हिंदू हैं.
इस टीम के सदस्य अजय ने हमें बताया कि उनकी टीम ने ये वीडियो सिर्फ जागरूकता फैलाने के मकसद से बनाया था. इसे उनके फेसबुक पेज पर अपलोड किया गया था. लेकिन फेसबुक ने उसे हटा दिया क्योंकि उसे कई लोगों ने रिपोर्ट कर दिया था.
अजय कहते हैं, “हमने वीडियो में दस सेकंड का डिस्क्लेमर लगाया था लेकिन अब उस वीडियो की जो क्लिप वायरल हो रही है, उसमें डिस्क्लेमर को छोटा कर दिया गया है.”
अजय ने हमें अपने वीडियो का वो हिस्सा भेजा जो वायरल वीडियो से हटा दिया गया है. इस वीडियो को देखकर पूरी बात स्पष्ट हो जाती है कि इसमें क्या संदेश दिया गया था.
इसमें मुस्लिम बना शख्स कहता है कि अगर तिरंगे को लोग बाइक में लगाएंगे, तो वो गिर सकता है, जिससे उसके सम्मान को ठेस पहुंचेगी. ये वीडियो नीचे देखा जा सकता है.
ये वीडियो क्यों और कैसे बना, इसके बारे में अजय और उसके दोस्तों ने अपना बयान भी भेजा जिसे नीचे देखा जा सकता है.
कुल मिलाकर बात ये है कि तिरंगे के सम्मान के बारे में बनाए गए एक स्क्रिप्टेड वीडियो का छोटा-सा हिस्सा इस तरह से वायरल हो रहा है जैसे मुस्लिम युवक ने तिरंगे का विरोध किया हो. लेकिन असलियत कुछ और है.
(इनपुट: यश मित्तल)