फैक्ट चेक: पहलगाम हमले के बाद कश्मीरी मुस्लिम नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं दिखाता ये वीडियो, जानें पूरा मामला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें पुलिस दो लोगों को जबरन पकड़कर ले जाती दिख रही है. कुछ लोग इसे पहलगाम आतंकी वारदात के बाद हुई सेना की कार्रवाई बताते हुए शेयर कर रहे हैं. इसे फेसबुक पर शेयर करते हुए कुछ लोगों ने #Pahalgam और #PahalgamTerrorAttack जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया और लिखा, “कश्मीर में रुझान आना शुरू.”

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीरी मुस्लिम नेताओं के खिलाफ हुई सेना की कार्रवाई का है.
सच्चाई
ये वीडियो नवंबर 2024 का है जब जम्मू पुलिस ने कटरा रोपवे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मजदूर यूनियन के दो नेताओं को गिरफ्तार किया था.

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली ,
  • 25 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 4:44 PM IST

दो लोगों को जबरन पकड़कर ले जाती पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कुछ लोग इसे पहलगाम आतंकी वारदात के बाद हुई सेना की कार्रवाई बताते हुए शेयर कर रहे हैं.

ये वीडियो किसी मार्केट का लग रहा है. सड़क के दोनों तरफ दुकानें दिख रही हैं. कुछ पुलिसकर्मी दो लोगों को खींचकर ले जाते हुए नजर आ रहे हैं. ये दोनों लोग पुलिस का काफी विरोध भी करते हैं लेकिन पुलिस वाले उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाते हैं.

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वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “ये स्थानीय कश्मीरी मुस्लिम नेता हे. इसने पहलगाम आतंकी हमले में आतंकियों का साथ दिया अब सेना इसे उठाकर ले जा रही हे. अच्छे से ऐसे हर मुस्लिम का इलाज किया जाएगा.” ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

 

इसे फेसबुक पर शेयर करते हुए कुछ लोगों ने #Pahalgam और #PahalgamTerrorAttack जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया और लिखा, “कश्मीर में रुझान आना शुरू.” 

हालांकि आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो नवंबर 2024 का है जब जम्मू पुलिस ने कटरा रोपवे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मजदूर यूनियन के दो नेताओं को गिरफ्तार किया था.

कैसे पता लगाई सच्चाई? 

हमने गौर किया कि वायरल वीडियो में “कश्मीर लिंक्स न्यूज” का लोगो लगा हुआ है. सर्च करने पर हमें इस नाम का यूट्यूब चैनल मिल गया जहां पर ये वीडियो 27 नवंबर, 2024 को अपलोड किया गया था. इतनी बात तो यहीं साफ हो जाती है कि ये वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि पहलगाम हमले से पहले का है.

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यहां डिसक्रिप्शन में बताया गया है कि जम्मू के कटरा में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मजदूर यूनियन के दो नेताओं को गिरफ्तार किया गया. ये प्रदर्शन, कटरा से वैष्णो देवी मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे लाइन के खिलाफ हुआ था. रियासी अपडेट्स की वीडियो रिपोर्ट में इन नेताओं के नाम भूपिंदर सिंह और सोहन चंद बताए गए हैं.

बता दें कि नवंबर 2024 में, कटरा से श्री माता वैष्णो देवी भवन तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के खिलाफ कुछ स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने कटरा में विरोध प्रदर्शन किया था. ये प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया था जिसमें कुछ पुलिसवाले जख्मी हो गए थे और पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा था. इसके बाद पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.

जागरण की खबर के मुताबिक पुलिस ने 27 नवंबर, 2024 को मजदूर यूनियन के नेता भूपेंद्र सिंह जामवाल और सोहन चंद को कटरा के बाणगंगा मार्ग पर हिरासत में ले लिया था. ये दोनों लोग बाकी मजदूरों के साथ मिलकर रोपवे परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे थे. बता दें कि जामवाल, पिछले जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की तरफ से वैष्णो देवी सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं.

यानी साफ है कि जम्मू में रोपवे के खिलाफ हुए प्रदर्शन के सिलसिले में हुई पुलिस कार्रवाई के वीडियो को पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई दबिश का बताकर शेयर किया जा रहा है जिससे भ्रम फैल रहा है.

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(रिपोर्ट: अभिषेक पाठक) 

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