Advertisement

फैक्ट चेक: पटना में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का वीडियो नूंह हिंसा से जोड़कर हुआ वायरल

'आजतक' की जांच में पता लगा कि इस वीडियो का नूंह (मेवात) हिंसा से कुछ लेना-देना नहीं है. ये वीडियो 13 जुलाई, 2023 का है जब पटना में पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया था.

आजतक फैक्ट चेक

दावा
नूंह (पहले मेवात) में दंगा कराने वालों को पुलिसकर्मियों ने जमकर पीटा
सच्चाई
इसका नूंह हिंसा से कुछ लेना-देना नहीं है. ये वीडियो 13 जुलाई, 2023 का है जब पटना में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था.
अर्जुन डियोडिया
  • नई दिल्ली,
  • 07 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 8:43 PM IST

हरियाणा के नूंह (पहले मेवात) और कुछ अन्य जिलों में हुई हिंसा के बाद फिलहाल शांति का माहौल है. खबरों के अनुसार , पुलिस इस मामले में अभी तक 150 से भी ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. हिंसा के बाद नूंह में ‘अवैध’ निर्माण पर प्रशासन ने बुलडोजर भी चलाया था लेकिन सात अगस्त को हाईकोर्ट ने इस तोड़फोड़ पर रोक लगा दी.

Advertisement

इसी बीच सोशल मीडिया पर इस हालिया हिंसा के संदर्भ में पुलिस लाठीचार्ज का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि मेवात में दंगा कराने वालों को पुलिसकर्मियों ने जमकर पीटा.

 

 

 

वीडियो में पुलिसकर्मी और कुछ अन्य जवानों की टीम को भीड़ पर बुरी तरह लाठियां बरसाते देखा जा सकता है. इसमें बीजेपी के कुछ झंडे और बोर्ड भी दिख रहे हैं.

वीडियो को शेयर करते हुए फेसबुक और ट्विटर यूजर्स कैप्शन में लिख रहे हैं, “ये लो पुलिस वालों ने बढ़िया प्रसाद दें दिया मेवात में दंगा कराने वालों को”. ऐसे ही कुछ वायरल पोस्ट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखा जा सकता है.

'आजतक' की जांच में पता लगा कि इस वीडियो का नूंह (मेवात) हिंसा से कुछ लेना-देना नहीं है. ये वीडियो 13 जुलाई, 2023 का है जब पटना में पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया था.

Advertisement

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वायरल पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने लिखा है कि ये वीडियो बिहार का है. इस जानकारी के आधार पर कीवर्ड सर्च करने से हमें यूट्यूब पर कुछ वीडियो रिपोर्ट्स मिलीं जिनमें वायरल वीडियो जैसे दृश्य नजर आ रहे हैं.

ये रिपोर्ट्स 13 जुलाई, 2023 को पटना में बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज पर आधारित हैं. ‘मिरर नाऊ’ के यूट्यूब चैनल पर मौजूद इसी घटना से संबंधित एक वीडियो की तुलना वायरल वीडियो से करने पर हमें दोनों में कुछ समानताएं दिखीं.

जैसे कि, वायरल वीडियो में एक जगह पर एक नीली वैन दिखती है जिस पर लाल रंग का गोला बना है. एकदम ऐसी ही वैन को ‘मिरर नाऊ’ के वीडियो में भी देखा जा सकता है. इसी तरह, दोनों वीडियोज में नीले रंग का एक बोर्ड नजर आ रहा है जिस पर ‘SPORTS’ जैसा कुछ लिखा है.

 

वायरल वीडियो के आखिर में गली में एक इमारत दिख रही है जहां अफरा-तफरी मची है. ये दृश्य हमें न्यूज 18 के एक यूट्यूब वीडियो में भी दिखा जो पटना लाठीचार्ज पर आधारित है.

 

 

इसके अलावा, वायरल वीडियो में एक जगह “CHHABRA STORES AGENCIES” लिखा एक बोर्ड दिख रहा है. इसको गूगल पर सर्च करने पर पता लगा कि पटना में इस नाम की वाकई एक दुकान है. इस दुकान की एक फोटो JustDial.com पर मौजूद है. फोटो में दुकान का वही बोर्ड देखा जा सकता है जो वायरल वीडियो में नजर आ रहा है.

Advertisement

इन सबूतों से साबित हो जाता है कि वायरल वीडियो पटना का है और पिछले महीने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का है.

दरअसल, 13 जुलाई, 2023 को बीजेपी ने नीतीश सरकार के खिलाफ विधानसभा मार्च बुलाया था. बीजेपी वाले भ्रष्टाचार, रोजगार और शिक्षक नियुक्ति पर सवाल उठा रहे थे और नीतीश सरकार का विरोध कर रहे थे. हंगामे के बीच स्पीकर ने दो बीजेपी विधायकों को बाहर निकाल दिया. बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध किया और फिर गांधी मैदान में प्रदर्शन करने लगे. इसी दौरान पुलिस ने बीजेपी नेताओं पर पटना के डाक बंगला चौराहा पर लाठीचार्ज कर दिया.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement