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सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक प्रदर्शन के दौरान पानी के टैंक पर चढ़ी एक महिला आत्मदाह की कोशिश करती है. उसी वक्त दुर्घटनावश वो आग की चपेट में आ जाती है. घटना को साम्प्रदायिक रंग दे कर वीडियो को शेयर किया जा रहा है. इसे फर्जी तरीके से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ जोड़ा जा रहा है. (वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)
1 मिनट 12 सेकंड का ये वीडियो विचलित करने वाला है. इसमें दिख रहा है कि आग की लपटों में घिरी महिला पानी की टंकी की सीढ़ियों से नीचे उतर रही है. वीडियो में कुछ लोग आग बुझाने की कोशिश भी करते दिख रहे हैं.
वीडियो के साथ नाटकीय वॉयस ओवर भी सुना जा सकता है जिसमें तेज हवाओं जैसा साउंड इफेक्ट भी डाला गया है. इसमें एक शख्स उर्दू में दावा कर रहा है, “आरएसएस के एक समारोह के दौरान कुछ महिलाओं ने विरोध जताते हुए बुर्का जलाने की कोशिश की. उन औरतों पर इलाही का कहर टूटा. कोई मीडिया इसे नहीं दिखा रहा. आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.”
वीडियो के साथ एक टेक्स्ट संदेश भी है जिसमें कहा गया है, “नकाब जलाने वाली औरतों पर कहर-ए-इलाही.”सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया. कई फेसबुक पेजों पर इसे 25,000 से ज्यादा बार शेयर किया गया.
फेसबुक यूजर ज़ैन ख़ान ने 29 अक्टूबर को वीडियो पोस्ट किया. इस पोस्ट को इस पेज से 20,000 से ज्यादा बार शेयर किया गया और इसे 3 लाख से ज़्यादा बार देखा गया. ज़ैन खान के पेज पर आवेश से भरे धार्मिक भाषणों की भरमार है. एक पोस्ट में कट्टर मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की भी प्रशंसा की गई है.
वीडियो को ‘यहां सब कुछ मिलता है’ और ‘द ओवेसी फैन क्लब’ नाम के फेसबुक पेजों से भी शेयर किया गया है, जहां से इन्हें हजारों की संख्या में हिट मिल रहे हैं. इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो गुमराह करने वाला है और इसका आरएसएस से कुछ लेनादेना नहीं है. दरअसल, ये वीडियो पंजाब के कपूरथला का है जहां कुछ टीचर्स अपनी मांगों पर दबाव बढ़ाने के लिए प्रदर्शन कर रही थीं.
ये घटना आठ साल पुरानी है जो 8 फरवरी, 2010 को हुई थी. वीडियो में दिख रही टीचर किरनजीत कौर को बुरी तरह झुलस जाने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां बाद में उसकी मौत हो गई थी.
जब पोस्ट के नीचे आए फेसबुक यूजर्स के कमेंट को खंगाला गया तो एक यूजर ने सही लिखा था कि ये वीडियो ऐसा नहीं है जैसा कि इसे प्रचारित किया जा रहा है.
‘द ओवेसी फैन क्लब’ पेज पर फेसबुक यूजर समीर संधू ने साफ किया कि ये वीडियो पंजाब से जुड़ा है और टीचर्स के विरोध प्रदर्शन का है. साथ में इस घटना पर एनडीटीवी की रिपोर्ट का लिंक भी दिया गया है.
हमने जब पंजाब की टीचर्स के विरोध प्रदर्शन की घटना को लेकर इंटरनेट पर सर्च किया तो इस पर 2010 की ही इंडियन एक्सप्रेस और ज़ी न्यूज़ की भी रिपोर्ट्स मिलीं.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक “EGS टीचर्स जो सर्व शिक्षा अभियान (SSA) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा 8 तक पढ़ाती हैं, वो 370 EGS टीचर्स और उन्हें रेगुलर करने के लिए एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग (ETT) कोर्स में दाखिले की मांग कर रही थीं.”
पानी की टंकी के नीचे सैकड़ों अन्य टीचर्स भी प्रदर्शन में हिस्सा ले रही थीं. उसी दौरान किरनजीत ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. इससे अफरा तफरी फैल गई और वहां मौजूद पुलिस अधिकारी भई किरनजीत को बचाने के लिए कुछ ना कर सके.
कहा जा सकता है कि ये वीडियो एक अफसोसनाक हादसे का है जिसे नफरत फैलाने और सोशल मीडिया पर हिट्स लेने के लिए साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई.