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फैक्ट चेक: दिल्ली में गुरद्वारे जाने के समय पर पाबंदी? जानें वायरल वीडियो की सच्चाई

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने एक सिख विरोधी आदेश जारी किया है. ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार के इस आदेश के मुताबिक रोहिणी इलाके में रहने वाले लोग अब एक निश्चित समय के दौरान ही गुरुद्वारे जा सकेंगे. हालांकि यह दावा पूरी तरह से सच नहीं है. जानें इस वायरल दावे की सच्चाई...

आजतक फैक्ट चेक

दावा
आम आदमी पार्टी के एक नए आदेश के मुताबिक दिल्ली के रोहिणी इलाके में लोग अब एक निश्चित वक्त पर ही गुरुद्वारे जा सकेंगे.
सच्चाई
ये आम आदमी पार्टी द्वारा जारी किया गया एक पुराना आदेश है जिसे साल 2022 में ही वापस ले लिया गया था.
संजना सक्सेना
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2023,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स की मानें तो आम आदमी पार्टी ने एक सिख विरोधी आदेश जारी किया है. ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार के इस आदेश के मुताबिक रोहिणी इलाके में रहने वाले लोग अब एक निश्चित समय के दौरान ही गुरुद्वारे जा सकेंगे. 

इस दावे के साथ एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा इस कथित नोटिस के बारे में जानकारी देते हुए केजरीवाल सरकार की निंदा कर रहे हैं. वो बताते हैं कि गुरुद्वारे जाने के समय और वहां जाने वाले लोगों की संख्या पर पाबंदी लगाने वाले इस नोटिस को रोहिणी के एसडीएम शहजाद आलम ने जारी किया है. 

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वीडियो ट्वीट करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “सिक्ख विरोधी @ArvindKejriwal की सरकार का तुगलकी फरमान. लो जी अब शहजाद आलम तय करेंगे कि सिक्ख कितने बजे गुरूद्वारे जाएंगे और कब नहीं जाएंगे. दिल्ली रोहिणी गुरूद्वारा. फ्री का खामियाजा.”

ऐसे कुछ पोस्ट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां, यहां, और यहां देखा जा सकता है. 

 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दावे भ्रामक हैं. दरअसल, साल 2022 में आम आदमी पार्टी ने रोहिणी के एक गुरुद्वारे को लेकर ये आदेश जारी तो किया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही उसे वापस ले लिया था.  

कैसे पता लगाई सच्चाई?

कीवर्ड सर्च की मदद से हमें इस आदेश के बारे में दिसम्बर 2022 की कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. इनमें बताया गया है कि ये नोटिस दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 21 में मौजूद गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के लिए जारी किया गया था. रिपोर्ट्स की मानें तो ये गुरुद्वारा एक रिहायशी इलाके में बनाया गया था जिससे कथित तौर पर हो रहे अतिक्रमण और ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए ये नोटिस जारी किया गया था. इसमें गुरुद्वारे में आने वाले लोगों की संख्या, उनके आने का समय और शोर प्रतिबंधों को लेकर पाबंदी लगाई गई थी. 

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हमें इस नोटिस की तस्वीर बीजेपी नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा के एक ट्वीट में मिली. 19 दिसम्बर 2022 को जारी किए गए इस नोटिस में उन सभी पाबंदियों के बारे में लिखा है जिनका जिक्र सिरसा ने वायरल वीडियो में किया था. इस नोटिस को उस वक्त एसडीएम की पोस्ट पर तैनात शहजाद आलम ने जारी किया था. 

हालांकि, ‘ईटीवी भारत’ की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी समेत सिख समुदाय के लोगों ने इस आदेश का भारी विरोध किया जिसके बाद इसे वापस ले लिया गया. उस वक्त मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस मामले को लेकर ट्वीट किया था. इस ट्वीट में वायरल वीडियो के साथ सरकार द्वारा जारी किये गए एक दूसरे नोटिस का फोटो मौजूद है. 20 दिसम्बर 2022 को जारी इस नोटिस में गुरुद्वारे पर लगाई गई पाबंदी हटाने की बात लिखी है. 

साफ है, साल 2022 में वापस लिए जा चुके आम आदमी पार्टी के एक पुराने आदेश को लेकर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है. 

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