Mental Health: मेंटल हेल्थ पर असर डाल रही भीषण गर्मी, बढ़ रहा हीट एंग्जाइटी का जोखिम, जानें लक्षण और उपाय

देश में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव की वजह से लोगों की फिजिकल हेल्थ के साथ मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ रहा है. कई लोगोंं में हीट एंग्जाइटी को लक्षण देखने को मिल रहे हैं. आइए जानते हैं कि हीट एंग्जाइटी से कैसे बचाव किया जा सकता है.

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Mental Health Problems (Image: Freepik) Mental Health Problems (Image: Freepik)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

देश में तेजी से बढ़ रही गर्मी लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डाल रही है. आईएमडी ने देश के अधिकतर इलाकों में लू का अलर्ट जारी किया है, जिसका सीधा असर लोगों की मेंटल हेल्थ पर भी देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले समय में देश में प्रचंड गर्मी पड़ सकती है. लगातार चलने वाली हीटवेव के कारण कई लोग हीट एंग्जाइटी का शिकार हो रहे हैं. 

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भीषण गर्मी से सबसे ज्यादा वो वर्ग प्रभावित होता है, जो बाहर काम करते हैं, जैसे मजदूर और किसान. इन लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गर्मी का सबसे ज्यादा असर पड़ता है. वहीं जो लोग पहले से ही किसी मेंटल हेल्थ प्रोब्लम से पीड़ित हैं, उनके मानसिक स्वास्थ्य पर तो भीषण गर्मी के गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं. एक रिसर्च के मुताबिक, जो लोग पहले से किसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हैं उनमें तेज गर्मी के कारण किसी ट्रॉमा में जाने या फिर मौत होने तक का रिस्क देखने को मिल सकता है. 

जो लोग पहले से किसी मेंटल हेल्थ प्रोब्लम से जूझ रहे होते हैं, उनमें डिप्रेशन और स्ट्रेस डिसऑर्डर होने का रिस्क ज्यादा होता है. ऐसे लोगों में आत्महत्या के मामले भी काफी देखने को मिलते हैं. हाल ही में जिस तरह की प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिली हैं, ऐसे घटनाक्रम जलवायु संबंधी आपदाओं से खतरे में पड़े मौलिक अधिकारों को स्वीकार करने की दिशा में बदलाव का संकेत देते हैं.

संयुक्त राष्ट द्वारा साल 2022 में स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्वच्छता को लेकर कई अहम फैसले लिए गए थे. भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वच्छता के अधिकार पर काफी जोर देते हुए ये कहा है कि सरकारों के लिए जलवायु संबंधी आपदाओं के समय अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है. 

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हीट एंग्जाइटी क्या होती है
हीट एंग्जाइटी के दौरान जब शरीर उच्च तापमान के संपर्क में आता है तो वह अपने तापमान को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाता है. हीट एंग्जाइटी से पीड़ित व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, बेचैनी और हार्ट बीट के तेज होने जैसे कई लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है. 

हीट एंग्जाइटी से कैसे बचाव करें
1. अगर आपको  कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, बेचैनी और हार्ट रेट में वृद्धि जैसे लक्षण दिखाई दें तो जल्दी से अपने आप को ठंडा करने की कोशिश करें. जैसे ठंडे वातावरण में जाना, पानी पीना और आराम करना. 

2. हीट एंग्जाइटी से बचने के लिए हल्के रंग के ढीले कपड़े पहने, इससे आपके शरीर का तापमान नियंत्रित रहेगा और शरीर में हवा का संचार होने से ज्यादा गर्मी नहीं लगेगी. 

3. हीट एंग्जाइटी होने पर तेज धूप में ना जाएं, क्योंकि इससे आपको हीट स्ट्रोक का भी खतरा हो सकता है. अगर घर से बाहर जाएं तो छाता या टोपी पहनकर निकलें. 

4. हीट एंग्जाइटी होने पर ठंडी जगह में आराम करें और ज्यादा मेहनत वाले काम ना करें. 

5. हीट एंग्जाइटी से बचने के लिए सबसे जरूरी है, खुद को हाइड्रेटेड रखना. इसलिए खूब पानी पिएं और कैफिन युक्त पदार्थों को लेने से बचें. 

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