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स्वराज ट्रैक्टर्स की कल के लिए तैयार विश्वस्तरीय फाउंड्री: कास्टिंग प्रोडक्शन में नए मानक

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स्वराज ट्रैक्टर का इतिहास पचास साल से भी ज्यादा पुराना है और ये किसानों के बीच भरोसे, ताकत और विश्वसनीयता का प्रतीक रहा है।

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST
  • तेजी से उभरते भारतीय कृषि उपकरणों के बाजार में स्वराज ट्रैक्टर्स 15HP से लेकर 60HP तक के ट्रैक्टरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
  • स्वराज का नया फाउंड्री सेटअप न केवल इसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाएगा बल्कि इसके कर्मचारियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और ज्यादा कुशल काम करने का वातावरण भी उपलब्ध कराएगा।
  • ऑटोमेशन को अपनाने से मैनुअल ऑपरेशन पर निर्भरता काफी कम हो गई है, जिससे कर्मचारियों के लिए काम करने की स्थितियों में और सुधार हुआ है और कर्मचारियों की थकान कम हुई है।

1974 में स्थापित स्वराज ट्रैक्टर्स भारत का पहला पूर्ण स्वदेशी ब्रैंड है। देश में कृषि उपकरणों के अग्रणी निर्माता स्वराज ट्रैक्टर्स ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हाल ही में अपनी मौजूदा फाउंड्री यूनिट को अत्याधुनिक कास्टिंग यूनिट में अपग्रेड किया है।


तेजी से उभरते भारतीय कृषि उपकरणों के बाजार में स्वराज ट्रैक्टर्स 15HP से लेकर 70HP तक के ट्रैक्टरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए खुद को तैयार कर रहा है। स्वराज ट्रैक्टर्स की हाल ही में अपग्रेड की गई कास्टिंग यूनिट में कई अत्याधुनिक तरीके शामिल हैं, जो इस इंडस्ट्री में नए हैं, इनमें एडवांस्ड ऑटोमेटेड सिस्टम्स, स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टेक्नोलॉजी, और लीन मैन्युफैक्चरिंग मेथेडोलॉजी शामिल हैं। 
अत्याधुनिक कास्टिंग यूनिट से स्वराज ट्रैक्टर्स को मिली बढ़त टेक्नोलॉजी में हालिया अपग्रेड से स्वराज ट्रैक्टर्स को कृषि उपकरण निर्माण के क्षेत्र में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर महत्वपूर्ण बढ़त पाने में मदद मिली है। पूरी अपग्रेड प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग दो से ढाई साल का समय लगा। अपग्रेड के बाद पूरी क्षमता तक पहुंचने में केवल दो महीने लगे। यह स्वराज के समर्पित वर्कफोर्स के प्रयासों से संभव हो पाया, जो खुद को पुराने मैनुअल सिस्टम से हाई-एंड ऑटोमेटेड सिस्टम में बदलने में सक्षम थे।

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एडवांस्ड ऑटोमेशन और लीन मैन्युफैक्चरिंग इफिशिएंसी बढ़ाकर स्वराज ने लिखी नई कहानी  स्वराज फाउंड्री की अत्याधुनिक कास्टिंग प्रॉडक्शन यूनिट अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस है, जिसमें मोल्ड, कोर मेकिंग और मेटल पॉरिंग जैसी चीजों के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम शामिल हैं। इससे इंसानी कौशल पर निर्भरता घटी है और प्रॉडक्शन प्रोसेस की इफिशिएंसी और क्यूरेसी में जबर्दस्त वृद्धि हुई है। लेटेस्ट इंडक्शन फर्नेस, ऑटोमेटिक पॉरिंग सिस्टम और इंटिग्रेटेड क्वॉलिटी कंट्रोल सिस्टम जैसे एंडवांस्ड इक्विपमेंट्स को शामिल करने से प्रोसेस को ऑप्टिमाइज करने, प्रॉडक्टिविटी बढ़ाने और लागत घटाने में भी मदद मिली है।


लीन मैन्युफैक्चरिंग तरीकों को अपनाने से ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है, लीड टाइम कम हुआ है और इफिशिएंसी बढ़ी है, जिससे मैन्युफैक्चरर्स के लिए लागत में पर्याप्त बचत हुई है। खास बात यह है कि स्वराज डिवीजन फाउंड्री ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी द्वारा स्थापित अपनी तरह की एकमात्र कैप्टिव फाउंड्री है। यह यूनिट डिफरेंशियल हाउसिंग, गियरबॉक्स हाउसिंग, क्रैंककेसज और सिलेंडर ब्लॉक्स जैसी अहम कास्टिंग का प्रॉडक्शन करती है।

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स्वराज डिविजन फाउंड्री ने सर्वश्रेष्ठ श्रेणी की फाउंड्री के लिए तय किए मानक स्वराज की अत्याधुनिक फाउंड्री भारत और विदेशों में सर्वश्रेष्ठ श्रेणी की फाउंड्री के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। इन केंद्रों के टेक्निकल इवैल्यूशेन ने स्वराज डिवीजन फाउंड्री को इस हद तक सुधार करने और नवीन बनाने में सक्षम बनाया है कि इसने इंडस्ट्री में नए मानदंड और बेजोड़ मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स स्थापित करने का काम किया है।
अत्याधुनिक उपकरणों से हुआ कर्मचारियों के काम करने की स्थिति में सुधार स्वराज की फाउंड्री ने पारंपरिक मैनुअल लिक्विड मेटल पॉरिंग प्रोसेस को अत्याधुनिक ऑटोमेटेड मेटल डिस्पेंसिंग प्रेस पॉरिंग यूनिट से बदलकर काम करने की स्थितियों में अहम सुधार किया है। इस आधुनिक तकनीक को VISIPOUR के साथ जोड़ा गया है, जो एक एडवांस्ड पूर्वानुमान सिस्टम है जो पॉरिंग प्रोसेस के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाती है। ऑटोमेशन को अपनाने से मैनुअल ऑपरेशन पर निर्भरता काफी कम हो गई है, जिससे कर्मचारियों के लिए काम करने की स्थितियों में और सुधार हुआ है और कर्मचारियों की थकान कम हुई है।


क्षमता और प्रॉडक्शन बढ़ने से स्वराज ट्रैक्टर्स बना वर्ल्ड लीडर वर्ल्ड-क्लास स्वराज डिवीजन फाउंड्री, स्वराज को ट्रैक्टरों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम बनाएगी, जिससे कास्टिंग डिलीवरी क्षमता 120 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो जाएगी, जिसका लक्ष्य हर साल 2 लाख ट्रैक्टरों की सप्लाई करना है। एडवांस्ड इक्विपमेंट्स, ऑटोमेटेड सिस्टम और लीन मैन्युफैक्चरिंग पद्धतियों को अपनाने के साथ-साथ एक इंटीग्रेटेड क्वॉलिटी कंट्रोल सिस्टम ने प्रॉडक्टिविटी और इफिशिएंसी में जबर्दस्त बढ़ोतरी की है, जिससे स्वराज ट्रैक्टर भारत और विदेशों में कृषि उपकरण क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है।

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कर्मचारियों के लिए कैसे बेहतर हुआ काम का माहौल और सेफ्टी स्टैंडर्ड भी सुधरा फाउंड्री के नए सेटअप के जरिए कास्टिंग मैन्युफैक्चरिंग के सभी चरणों में मैन्युअल हस्तक्षेप को घटाकर पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग सेटअप के साथ आने वाली चुनौतियों का ध्यान रखा गया। इसका मतलब है कि कर्मचारी ज्यादा सुव्यवस्थित और बेहतर माहौल में काम कर पाएंगे, जिससे शारीरिक श्रम करने वाले मजदूरों का शारीरिक तनाव घटेगा। इसके अतिरिक्त, धूल और धुआं निकास प्रणालियों से जुड़े शेकआउट्स प्लांट में काम करने के माहौल में बहुत सुधार करेंगे। इससे कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में काम करते हुए स्वच्छ हवा में सांस ले सकेंगे।
नई फाउंड्री यूरोपीय सेफ्टी स्टैंडर्ड्स से लैस है, जिसमें कई इंटरलॉक शामिल हैं जो पूरी तरह से सुरक्षित काम का माहौल उपलब्ध कराने का काम करते हैं। नई फाउंड्री में सुरक्षा बाड़ भी लगी हैं, जो मशीनों के साथ इंटरलॉक की गई हैं, जिससे कर्मचारियों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।


यानी कि स्वराज का नया फाउंड्री सेटअप न केवल इसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाएगा बल्कि इसके कर्मचारियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और ज्यादा कुशल काम करने का वातावरण भी उपलब्ध कराएगा। स्वराज ट्रैक्टर का इतिहास पचास  साल से भी ज्यादा पुराना है और ये किसानों के बीच भरोसे, ताकत और विश्वसनीयता का प्रतीक रहा है। स्वराज बदलते समय के साथ अपनी टेक्नोलॉजी अपग्रेड करते हुए उसी भरोसे को बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है।

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