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पटना सिटी के जेठुली गांव में रविवार को पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद ने भारी हिंसा का रूप ले लिया. दबंगों द्वारा 50 राउंड से ज्यादा फायरिंग की गई जिसमें 2 लोगों की जान चली गई.
गोलीबारी से गुस्साए दूसरे पक्ष के लोगों ने आरोपी के घर, कम्यूनिटी हॉल, और पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को फूंक दिया. गुस्साई भीड़ ने इस गोलीबारी के आरोपी मुखिया पति बच्चा राय के गोदाम को भी नहीं छोड़ा और उसे भी आग के हवाले कर दिया.
रविवार को हुई हिंसा के बाद दूसरे दिन यानी सोमवार को भी इलाके में तनाव बना हुआ है और भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती गांव में की गई है. जेठुली में इस हत्याकांड और हिंसा के 5 किरदार हैं. चुनावी रंजिश और 3 करोड़ रुपये के जमीन की लड़ाई रविवार को खून खराबे तक पहुंच गई जिसमें पार्किंग विवाद महज एक बहाना था.
पार्किंग बहाना, असली मकसद जमीन पर कब्जा
रविवार को जो हिंसा हुई उसके पीछे पुरानी दुश्मनी मुख्य वजह है. बच्चा राय और चनारिक राय के बीच पुरानी अदावत रही है. बीते पंचायत चुनाव में भी दोनों खेमों के बीच रंजिश देखने को मिली थी और पटना में 6 कट्ठा जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों गुटों के बीच तनाव था.
दरअसल पटना सिटी में सड़क किनारे 6 कट्ठा जमीन का एक टुकड़ा है जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपये हैं. इस जमीन पर दोनों ही अपना-अपना दावा करते रहे हैं जिस वजह से उनमें रंजिश और बढ़ गई थी.
इन चार लोगों ने फायरिंग में दिया बच्चा राय का साथ
इस विवादित जमीन पर फिलहाल बच्चा राय का कब्जा है. रविवार को बच्चा राय ने जमीन के पास गिट्टी गिराई थी जिसके तुरंत बाद चनारिक राय वहां पहुंचा और गाड़ी पार्क करने लगा. पार्किंग को लेकर ही विवाद की शुरुआत हुई.
बच्चा राय और चनारिक में पहले नोकझोंक हुई जिसके बाद बच्चा राय और उसके अन्य चार लोग उमेश राय, राम प्रवेश राय, बच्चा राय, रितेश राय, संजीत राय हथियार के साथ पहुंचे और फायरिंग करने लगे.
इस गोलीबारी में चनारिक राय समेत गौतम, रौशन कुमार, नागेंद्र राय, और मोनारिक राय को गोली लग गई. गोली लगने के बाद गौतम की मौके पर ही मौत हो गई जबकि रौशन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वहीं दो अन्य लोगों की हालत अभी भी गंभीर है और गांव में तनाव भी बना हुआ है. (इनपुट - शशि भूषण)