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बिहार ने कायम किया रिकॉर्ड, पॉक्सो एक्ट के 24 घंटे में गवाही, बहस और रेपिस्ट को सजा

पॉक्सो एक्ट के तहत एक दिन में सारी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को सजा दिलाने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन गया है. इससे पूर्व मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्पीडी ट्रायल के तहत मात्र तीन दिन में अगस्त 2018 में आरोपी को सजा सुनाई गई थी.

अदालत ने रिकॉर्ड समय में दुष्कर्मी को सजा देकर मिसाल कायम की है. अदालत ने रिकॉर्ड समय में दुष्कर्मी को सजा देकर मिसाल कायम की है.
सुजीत झा
  • अररिया,
  • 27 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 1:09 AM IST
  • बिहार ने कायम किया रिकॉर्ड
  • 24 घंटे में रेपिस्ट को सजा

बिहार के अररिया में पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष अदालत ने रिकॉर्ड समय में दुष्कर्मी को सजा देकर मिसाल कायम की है. मामले में कोर्ट ने एक ही दिन में गवाही सुनी. उसी दिन बहस पूरी हुई और उसी दिन दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने आजीवन करावास की सजा सुना दी.

पॉक्सो एक्ट के तहत एक दिन में सारी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को सजा दिलाने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन गया है. इससे पूर्व मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्पीडी ट्रायल के तहत मात्र तीन दिन में अगस्त 2018 में आरोपी को सजा सुनाई गई थी. 24 घंटे के अंदर सजा सुनाकर अररिया की विशेष अदालत ने एमपी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

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क्या है पूरा मामला
घटना 23 जुलाई 2021 को अररिया के नरपतगंज थाने की है. जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. मुकदमा दर्ज होने के बाद 18 सितंबर को आरोप पत्र दाखिल हुआ था. कोर्ट ने 20 सितंबर को उसी महीने में मामले में संज्ञान लिया. 24 सितंबर को आरोप पत्र गठित हुआ. और मामले में 4 अक्टूबर को सुनवाई हुई. इसी दिन बहस हुई और चार अक्टूबर को ही आरोपी को उसी दिन सजा दे दी गई. 

क्या कहते हैं अधिवक्ता और पुलिस अधिकारी
अररिया सिविल कोर्ट के अधिवक्ता एलपी नायक ने मीडिया को बताया कि विशेष न्यायाधीश शशिकांत राय ने चार अक्टूबर को एक दिन में सारी प्रक्रिया को संपन्न करके आरोपी को सजा दे दी. वहीं दूसरी ओर, एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने कहा कि तय समय सीमा से पहले सारी जांच वैज्ञानिक तरीके से करके एसएचओ रीता कुमारी ने भी इतिहास रचा और रीता कुमारी की मेहनत की बदौलत आरोपी को रिकॉर्ड समय में सजा मिली. 

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अभियोजन पक्ष ने की कड़ी मेहनत
मामले में बताया जा रहा है कि अभियोजन पक्ष ने केस पर जमकर काम किया. आरोपी के खिलाफ सभी सबूतों को अदालत के समक्ष सही समय से रखा. केस की आईओ रीता कुमारी ने केस को लेकर दिन-रात मेहनत की और एक भी सबूत को नहीं छोड़ा.

 

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