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नीतीश कुमार और सुधाकर सिंह में बढ़ी तकरार! CM ने बिना मंत्री कर ली कृषि विभाग की मीटिंग

नीतीश और सुधाकर सिंह के बीच संबंध तब बिगड़ गए जब सुधाकर सिंह ने पिछले मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी, जब नीतीश ने उनसे उनके ही बयान पर सवाल किया कि कृषि विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है, सभी अधिकारी चोर हैं और वह खुद "चोरों का सरदार" थे. 

नीतीश कुमार और सुधाकर सिंह (फाइल फोटो) नीतीश कुमार और सुधाकर सिंह (फाइल फोटो)
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 18 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:31 PM IST

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के बीच लगता है कि तकरार बढ़ गई है. ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के बिना ही कृषि विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर ली. विभाग के प्रधान सचिव समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कम बारिश और सूखे के हालात पर चर्चा हुई. 

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नीतीश और सुधाकर सिंह के बीच संबंध तब बिगड़ गए जब सुधाकर सिंह ने पिछले मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी, जब नीतीश ने उनसे उनके ही बयान पर सवाल किया कि कृषि विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है, सभी अधिकारी चोर हैं और वह खुद "चोरों का सरदार" थे.  

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार के सवाल के बाद सुधाकर सिंह ने जिस तरीके से अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी थी. उसको लेकर नीतीश कुमार सकते में आ गए थे. बताया जाता है नीतीश के पूछने के बावजूद भी सुधाकर सिंह अपने बयान पर कायम रहे और आरोप लगाया कि कृषि विभाग के सभी अधिकारी भ्रष्ट थे. 

प्रधान सचिव समेत सभी अधिकारी थे मौजूद

ऐसा लगता है कि सुधाकर सिंह के भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर नीतीश कुमार इतने नाराज थे कि कि उन्होंने कृषि मंत्री के बिना ही बिहार में व्याप्त सूखे के हालात को लेकर बैठक कर ली, जहां कृषि विभाग के प्रधान सचिव एन. सरवनन मौजूद थे, जिन्होंने विभाग से संबंधित सभी मामलों पर चर्चा की. 

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नीतीश ने की थी आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक

प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री को सूखे से पीड़ित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए उनके विभाग द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि उनके विभाग ने 4.5 लाख प्रभावित किसानों को डीजल सब्सिडी के रूप में 62 करोड़ रुपये अपर्याप्त वर्षा और सूखे की स्थिति के कारण है आर्थिक मदद की है. दिलचस्प बात यह है कि नीतीश कुमार ने उसी बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के काम की समीक्षा भी की जिसमें आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री शाहनवाज को बुलाया गया था. 

 

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