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बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने सोनिया को लिखी चिट्ठी, अध्यक्ष बने रहने की उठाई मांग

मदन मोहन झा ने सोनिया गांधी को रविवार को पत्र लिखा और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव सिर पर है और ऐसे में उन्हें अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बने रहना चाहिए और अगर ऐसा संभव नहीं हो पाता है तो फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बना देना चाहिए.

सोनिया गांधी सोनिया गांधी
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 24 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 1:18 PM IST
  • 'सोनिया गांधी नहीं तो राहुल बनें अध्यक्ष'
  • विधानसभा चुनाव को देखते हुए उठाई मांग
  • 'इस्तीफा देना किसी समस्या का हल नहीं'

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के अपने पद से हटने की अटकलों के बीच बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उन्हें अपने पद पर बने रहने की मांग उठाई है.

मदन मोहन झा ने सोनिया गांधी को रविवार को पत्र लिखा और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव सिर पर है और ऐसे में उन्हें अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बने रहना चाहिए और अगर ऐसा संभव नहीं हो पाता है तो फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बना देना चाहिए.

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बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पत्र में लिखा, “बिहार विधानसभा चुनाव सिर पर है और प्रदेश कांग्रेस आग्रह करती है कि सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष के पद पर बनी रहें अथवा यह जिम्मेदारी राहुल गांधी को सौंप दी जाए. हमें विश्वास है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी कांग्रेस को जीत की ओर ले जाएंगे.”

मदन मोहन झा ने एक बार फिर से गांधी परिवार में पूरी आस्था जताते हुए कहा कि पार्टी को हमेशा सोनिया गांधी या फिर राहुल गांधी जैसे नेताओं के नेतृत्व की दरकार है. झा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि वे ईमानदार नेता हैं. मदन मोहन झा ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार को लेकर राहुल गांधी परेशान थे, हालांकि, चुनाव में हार पार्टी की सामूहिक जिम्मेदारी थी.

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मदन मोहन झा ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा कि उनका अंतरिम अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देना समस्या का हल नहीं है. उन्होंने लिखा, “राहुल गांधी ने पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की है और देश का भविष्य भी राहुल गांधी और उनकी सोच में है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के पद से भले ही इस्तीफा दे दिया हो लेकिन वह अब भी एनडीए के कुशासन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. राहुल गांधी का नेतृत्व इस मुश्किल घड़ी में बहुत जरूरी है. इस पार्टी को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कोई और एकजुट नहीं रख सकता है.”

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