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नीतीश मंत्रिमंडल का स्वरूप तय, बीजेपी और जदयू से कौन बन सकते हैं मंत्री? जानिए

वर्तमान में बिहार सरकार में नीतीश कुमार को लेकर 14 मंत्री हैं जिसमें से 7 बीजेपी से हैं, 5 जनता दल यूनाइटेड से, 1 हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से और 1 विकासशील इंसान पार्टी से. खाली मंत्री पद की संख्या बिहार सरकार में इस वक्त 22 है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो-PTI) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो-PTI)
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 20 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST
  • एक-दो दिन में हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार
  • बीजेपी-जेडीयू के 22 नए मंत्री ले सकते हैं शपथ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार अगले 1 से 2 दिनों में कर सकते हैं. विधानसभा की 243 सीट के हिसाब से बिहार सरकार में कुल 36 मंत्री बन सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के बीच मंत्री पद बंटवारे को लेकर मामला सुलझ चुका है. 

वर्तमान में बिहार सरकार में नीतीश कुमार को लेकर 14 मंत्री हैं जिसमें से 7 बीजेपी से हैं, 5 जनता दल यूनाइटेड से, 1 हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से और 1 विकासशील इंसान पार्टी से. खाली मंत्री पद की संख्या बिहार सरकार में इस वक्त 22 है. नीतीश कुमार की लगातार यह मांग रही थी कि खाली मंत्री पद का बंटवारा 50:50 के फार्मूले पर हो और ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार बीजेपी पर दबाव बनाने में सफल रहे हैं.

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सूत्रों से जानकारी के मुताबिक खाली पड़े मंत्री पद का बंटवारा बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के बीच 50:50 के फार्मूले पर हो गया है. माना जा रहा है कि नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार जब होगा तो उसमें 11 मंत्री बीजेपी कोटे से होंगे और बाकी 11 जनता दल यूनाइटेड कोटे से. 

अगर इसी आधार पर बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के बीच मंत्री पद का बंटवारा होता है तो बिहार सरकार में बीजेपी कोटे से कुल 18 मंत्री, जनता दल यूनाइटेड कोटे से 16 मंत्री, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से एक और विकासशील इंसान पार्टी से एक मंत्री होगा. 

बीजेपी कोटे से संभावित मंत्री:

बीजेपी कोटे से पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन का नीतीश सरकार में मंत्री बनना लगभग तय है. शहनवाज हुसैन ने 2 दिन पहले बिहार विधान परिषद उपचुनाव के लिए अपना नामांकन भरा था और उनके खिलाफ किसी ने भी नामांकन नहीं किया था और ऐसे में वह निर्विरोध एमएलसी बन गए हैं. 

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बीजेपी कोटे से एमएलसी सम्राट चौधरी और दीघा से विधायक संजीव चौरसिया भी मंत्री बनने की रेस में है. मधुबन से बीजेपी विधायक राणा रणधीर और मोतिहारी से बीजेपी विधायक प्रमोद कुमार के भी मंत्री बनने की चर्चा है. बनमनखी से विधायक कृष्ण कुमार ऋषि और लालगंज से संजय कुमार सिंह भी मंत्री बन सकते हैं. 

बीजेपी कोटे से पूर्व मंत्री और झंझारपुर से विधायक नीतीश मिश्रा तथा दरभंगा से विधायक संजय सराओगी भी मंत्री बन सकते हैं. बीजेपी कोटे से रामनगर विधायक भागीरथी देवी और बरौली से विधायक रामप्रवेश राय को भी मंत्री बनाया जा सकता है.

जनता दल यूनाइटेड कोटे से किसे मंत्री बनाना है इसको लेकर सामाजिक समीकरण पर खास ध्यान दे रहा है.

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जनता दल यूनाइटेड कोटे से संभावित मंत्री:

नालंदा विधायक और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार को मंत्री बनाना लगभग तय है. श्रवण कुमार जाति से कुर्मी है. राजपूत कोटे से पूर्व मंत्री और धमदाहा से विधायक लेसी सिंह और चकाई से निर्दलीय विधायक सुमित सिंह के मंत्री बनने की संभावना है. दोनों में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है.

कुशवाहा कोटे से जिन नामों की चर्चा चल रही है उनमें अमरपुर विधायक जयंत राज और हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर शामिल है. एमएलसी कुमुद वर्मा को भी नीतीश मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. भूमिहार कोटे से परबत्ता विधायक संजीव सिंह और केसरिया से विधायक शालिनी मिश्रा को मंत्री बनाने की चर्चा है. भूमिहार कोटे से पूर्व मंत्री नीरज कुमार को भी मंत्री बनाया जा सकता है.

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अति पिछड़ा कोटे से नीतीश मंत्रिमंडल में बहादुरपुर विधायक और पूर्व मंत्री मदन साहनी और रुपौली से विधायक और पूर्व मंत्री बीमा भारती को जगह मिल सकती है. पूर्व मंत्री और झाझा से विधायक दामोदर रावत को भी मंत्री पद मिल सकता है. दलित कोटे से पूर्व आईपीएस अधिकारी और भोरे से विधायक सुनील कुमार को मंत्री बनाया जा सकता है.

पूर्व मंत्री और कल्याणपुर विधायक महेश्वर हजारी को भी नीतीश मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.

 

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