
बिहार के छपरा जिले में करीब 2 साल पहले एक मंदिर से मूर्तियों की चोरी हुई थी. लेकिन अब उन्हीं कीमती मूर्तियों को कोई फिर से मंदिर परिसर में रखकर चला गया है. पुजारी इसे चोरों का ह्रदय परिवर्तन होना और भगवान की कृपा बता रहे हैं. वहीं सारण के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस की सख्ती के कारण ही मूर्तियों की बरामदगी हुई है. हालांकि, अभी एक मूर्ति का पता चलना बाकी है.
ये मामला छपरा के मांझी थाना क्षेत्र के फतेहपुर सरैया गांव का है. जहां लगभग 20 महीने पहले राम जानकी मठ से अज्ञात चोरों के द्वारा मूल्यवान अष्टधातु की तीन मूर्ति की चोरी की गई थीं. इन्हीं चोरी की गई 3 मूर्तियों में से 2 को अज्ञात द्वारा मंदिर परिसर की दीवार के पास रख दिया गया.
बताया जा रहा है कि मूर्ति रखने के दौरान आवाज सुनने के बाद मंदिर के पुजारी ने बाहर निकल कर देखा तो एक झोले में जींस पैंट से लपेटकर श्रीराम और जानकी की मूर्ति रखी हुई थी. मूर्ति के पास कोई व्यक्ति नहीं था. हालांकि लक्ष्मण जी की मूर्ति की बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
वर्ष 2012 में राम जानकी मंदिर परिसर से चोरों ने मठ के तत्कानील पुजारी को बंधक बनाकर तीनो मूर्तियां लूट ली थीं. कई महीनों के बाद बिहार तथा उत्तर प्रदेश की पुलिस ने खंडित अवस्था मे मूर्ति को बरामद किया था. दूसरी बार 2019 के अक्टूबर महीने में तीनों मूर्तियों को अज्ञात चोरों के द्वारा फिर चोरी कर लिया गया.
फिलहाल मूर्तियों की बरामदगी के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाकर मामले की बारीकी से जांच पड़ताल की. मूर्ति चोरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. तीन मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है. हालांकि, इनमें 2 मिल गई हैं.