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बिहार: नीतीश सरकार ने बांटे 10 हजार नियुक्ति पत्र, BJP बोली- ये तो घोटाला है...

बिहार में क्षेत्रीय और जिला स्तर पर नियुक्ति पत्र देने की परंपरा रही है. दरोगा को क्षेत्र के आईजी डीआईजी नियुक्ति पत्र प्रदान करते हैं जबकि सिपाहियों को ये नियुक्ति पत्र जिले के एसपी के द्वारा दिया जाता है. जिन लोगों को आज नियुक्ति पत्र मिला है, उन्हें इसी प्रक्रिया के तहत पहले ही नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है.

सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी ने बांटे नियुक्ति पत्र सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी ने बांटे नियुक्ति पत्र
सुजीत झा
  • पटना,
  • 16 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST

पटना के गांधी मैदान में बुधवार को 10 हजार से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र बांटने के लिए एक बड़ा आयोजन हुआ. जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने 8246 सिपाहियों व 2213 सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र बांटे. इसको लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया है कि शुरू कर दिया. जिसमें कहा गया है कि पहले से जिनकी नियुक्ति हो चुकी है, उन्हें नियुक्ति पत्र देकर सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकना चाहती है. बीजेपी ने इसे नियुक्ति घोटाला तक बता डाला.

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उधर, नियुक्ति पत्र लेने आए एक महिला सिपाही ने बताया कि 2019 में वैकेंसी निकली थी. 2019-20 में परीक्षा की प्रक्रिया पूरी हुई और 2022 में नियुक्ति हो गई. वर्तमान में वो दरभंगा पोस्टेड है. यानी जिन पुलिसकर्मियों को आज नियुक्ति पत्र दिया गया, उनकी ज्वाइनिंग महीना दो महीने पहले ही हो चुकी है. इतना ही नहीं, सभी ट्रेनिंग भी ले रहे हैं.

बता दें कि बिहार में क्षेत्रीय और जिला स्तर पर नियुक्ति पत्र देने की परंपरा रही है. दरोगा को क्षेत्र के आईजी डीआईजी नियुक्ति पत्र प्रदान करते हैं जबकि सिपाहियों को ये नियुक्ति पत्र जिले के एसपी के द्वारा दिया जाता है. जिन लोगों को आज नियुक्ति पत्र मिला है, उन्हें इसी प्रक्रिया के तहत पहले ही नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है. लेकिन राज्य सरकार ने एक बार फिर नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को पटना के गांधी मैदान में बुलाकर नियुक्ति पत्र दिए.

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बीजेपी ने इसे ड्रामा करार देते हुए बिहार की जनता के पैसे का दुरुपयोग बताया. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल कहा कि बिहार में शराब और नियुक्ति घोटाला एक साथ चल रहा है. दूसरी तरफ आरजेडी के शक्ति यादव ने कहा कि बीजेपी नौकरी विरोधी है, वो दुष्प्रचार कर रही है. अगर अभी की बहाली एनडीए सरकार के समय की है तो उस समय नियुक्ति पत्र क्यों नही बांटा गया. आरजेडी ने केंद्र सरकार के दुवारा विभिन्न विभागों की भर्ती में हो रही देरी पर सवाल उठाये.

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