
बिहार के मधुबनी जिले के हत्थापुर परसा की एक पंचायत ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए गांव की लड़कियों को अकेले में मोबाइल फोन पर बात करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
पंचायत के फरमान के अनुसार लड़कियां तभी फोन पर बात कर सकती हैं जब परिवार का कोई सदस्य उनके साथ मौजूद हो. साथ ही पंचायत ने लड़कियों के रात में घर से निकलने पर भी पाबंदी लगा दी है. यही नहीं पंचायत ने कहा कि बहुत जरूरी होने पर भी लड़कियां रात को घर से बाहर नहीं निकलेंगी.
पंचायत के फरमानों की फेहरिस्त काफी लंबी है. पंचायत के इस फरमान के अनुसार इंटर तक के छात्रों को उनके माता-पिता मोबाइल फोन न दें. इसके अलावा शादी के अवसर पर लड़के-लड़कियां गांव की सड़कों पर नाच-गाना नहीं करेंगे. फरमान के मुताबिक जश्न मनाना है तो घर की चारदीवारी के अंदर ही मनाया जाए.
बिहार की ग्राम पंचायत सुनाए गए इन फरमानों को गांव के लोग समाज सुधार के नाम पर की गई एक पहल के रूप में देख रहे हैं. पंचायत के लोगों का अपने इस संदेश के बारे में कहना है कि लड़कियां अकेले में मोबाइल पर बात करने से बिगड़ सकती हैं.
हालांकि, पंचायत ने कुछ ऐसे फरमान भी जारी किए हैं जिसकी तारीफ हो रही है. जैसे, कोई भी व्यक्ति अगर शराब के नशे में पाया गया तो उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा. जुआ खेलने पर पूर्ण प्रतिबंध भी लगाया गया है. सरपंच ने इन फरमानों को लेकर कहा कि गांव के लोगों से विचार-विमर्श के बाद ही समाज में शान्ति व्यवस्था कायम करने के लिए ये निर्णय लिए गए हैं.