
बिहार में एनडीए में शामिल हो रहे दलों को एडजस्ट करने के लिए प्रदेश बीजेपी नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के आवास पर बुधवार को बैठक हुई थी. दरअसल 2024 चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा ने महागठबंधन छोड़ा और अब जीतन राम मांझी भी इससे निकल आए हैं. खबर है कि एनडीए के सहयोगी दलों के लिए बीजेपी ने इंटरनल कोटा फिक्स कर दिया है.
बीजेपी बिहार में अपने सहयोगी दलों को 10 सीटें देने के मूड में है. इनमें लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के दोनों गुटों (चिराग और पारस) को छह सीटें देगी. इसके अलावा नीतीश कुमार का साथ छोड़कर एनडीए में आए उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल को भी तीन सीटें देने के लिए तैयार है.
मांझी को एक सीट देने की तैयारी में बीजेपी
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और हाल ही में महागठबंधन छोड़कर एनडीए में आने की तैयारी कर रहे जीतन राम मांझी को भी एक सीट देने की तैयारी कर रही है. बीजेपी की इंटरनल बैठक में यह फॉर्मूला तय हुआ है. इसके अलावा बीजेपी खुद 30 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है. इसी आधार पर सहयोगी दलों के साथ बातचीत की जाएगी. हालांकि इन दलों के साथ नेगोशिएशन की गुंजाइश भी रहेगी.
2019 में एनडीए को मिली थीं 39 सीटें
जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में कुल 40 लोकसभा की सीटें आती हैं. 2019 के चुनाव में बीजेपी ने जेडीयू के साथ मिलकर क्लीन स्वीप किया था और 39 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे. जबकि एक सीट कांग्रेस को मिली थी. वहीं बीजेपी 2024 के चुनाव में 35+ सीटें जीतने पर जोर दे रही है. नीतीश के अलग होने के बाद अमित शाह ने बिहार की कमान खुद ही संभाल ली थी और उसके बाद कई बार अलग-अलग जिलों में रैलियां कर नीतीश पर निशाना साधा था.
लोकसभा चुनाव को लेकर नीतीश ने दिया था बयान
हाल में सीएम नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा कि ये जरूरी नहीं कि लोकसभा के चुनाव समय पर हों. सीएम ने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यक्रम में कहा कि आप लोग जल्दी से काम कर लीजिए क्योंकि चुनाव 2024 में ही हों ये नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने कहा कि सड़क का काम जो भी शुरू किया, उसी को तेजी से करिए. अगले साल ही चुनाव होगा, इसका पता नहीं है.