
जबलपुर में हिंदू लड़की ने मुस्लिम से शादी कर ली थी और अपना नाम,धर्म भी बदल लिया था. गुस्साए परिवार ने जिंदा बेटी का पिंडदान करके मृत्युभोज तक करा दिया था. अब एक और मामला सामने आया है जिसमें लड़की ने शादी से एक दिन पहले किसी और के साथ भागकर शादी कर ली. परिवार को जब यह बात मालूम हुई तो उन्होंने जिंदा लड़की की कुश (घास) की अर्थी तैयार की और दाह-संस्कार कर दिया. मामला बिहार के पूर्णिया जिले का है.
दरअसल, 11 जून 2023 को जिले के टीकापट्टी गांव के रहने वाले बिहारी गुप्ता की छोटी बहन की शादी होनी थी. 10 जून को हल्दी की रस्स हुई. इसके बाद बिहारी गुप्ता की बहन घर से अचानक से गायब हो गई. 11 जून को बिहारी गुप्ता ने टीकापट्टी थाना में अपने ही गांव के सुधांशु कुमार मंडल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. कहा कि उसकी बहन को सुधांशु ने अपहरण कर लिया है.
मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुट गई और पुलिस ने बिहारी की बहन को ढूंढ निकाला. उसे थाने लाया गया और बिहारी को उसकी बहन के बारे में सूचना दी गई. खबर मिलने ही बिहारी और परिवार के दूसरे लोग थाने पहुंचे. मगर, वह लोग तब हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि लड़की की शादी हो गई है.
पूछने पर लड़की ने बताया कि वह सुधांशु से प्यार करती थी. इसलिए उसने सुधांसु के साथ मंदिर में जाकर शादी कर ली है. साथ ही लड़की ने कहा कि भाई बिहारी गुप्ता ने सुधांसु पर अपहरण का केस लगाया है वह झूठा है. वह अपनी मर्जी से सुधांसु के साथ गई थी. बहन की इन बातों को सुनकर बिहार गुप्ता के पैरों तले जमीन खिसक गई.
राम नाम सत्य है, जो ऐसा करेगा उसका यही गत होगा
बहन के फैसले से बुरी तरह से आहत बिहारी घर आया और फिर उसने अपनी जिंदा बहन की अर्थी निकाल दी. बिहारी ने कुश (घास) की अर्थी तैयार की और परिवार के अन्य लोगों को साथ लेकर बहन की अर्थी निकाली. राम नाम सत्य कहता हुआ बिहारी सबसे आगे वहीं पीछे चल रहे लोग 'जो ऐसा करेगा उसका यही गत होगा' कहते हुए चल रहे थे. श्मशाम घाट पहुंचने के बाद बहन की अर्थी का अंतिम संस्कार कर दिया गया
अब से मेरी केवल एक बहन: बिहारी गुप्ता
लड़की के भाई बिहारी गुप्ता का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद अपनी दोनों बहनों को पिता का अभाव नहीं होने दिया. एक बहन की शादी हो गई थी. दूसरी की शादी उसकी मर्जी से तय की थी और 11 जून को उसकी बारात आनी थी. हल्दी की रस्म पूरी करने के बाद घर से भाग गई और अपने प्रेमी के साथ विवाह कर लिया. हमने उसकी मर्जी से ही रिश्ता तय किया था. यदि उसे लड़का पसंद नहीं था तो परिवार में किसी से कहना तो चाहिए था. बताना चाहिए था कि उसे किसी और से शादी करनी है. उसने भाग कर शादी कर ली इसलिए उसके रिश्ते का दाह संस्कार किया है. आज से मेरी केवल एक बहन है.
पिंडदान करेंगे और मृत्यु भी देंगे : बिहारी गुप्ता
बिहारी गुप्ता का कहना है कि अभी तो बहन का दाह संस्कार किया है. अब उसके पिंड दान करेंगे और उससे सभी रिश्ते खत्म कर दिए हैं. वहीं, बिहारी के पड़ोस में रहने वाली महिला सरिता देवी का कहना है कि जब लड़का-लड़की बालिग हो जाते हैं उन्हें अपने फैसले लेने का अधिकार है. ऐसे में परिवार को भी उनके फैसलों को मान लेना चाहिए. बिहारी ने जो किया वह ठीक नहीं है. समाज में इससे गलत संदेश जाएगा.