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बिहार: श्मशान घाट में देसी शराब बनाने का कारोबार, लोगों को लगता था जल रही है चिता

शराब बंदी वाले बिहार में शराब माफिया तरह-तरह के हथकंडा अपनाते हैं. ताजा मामला मुजफ्फरपुर का है. यहां शराब माफिया श्मशान घाट में अवैध शराब भट्टी चल रहे थे. छापेमारी के दौरान पुलिस ने गैस सिलेंडर, फैक्ट्री से 10 बर्तन, 20 लीटर तैयार देसी शराब, पांच लीटर स्प्रिट, मशीन समेत कई सामान जब्त किए हैं.

छापेमारी करती पुलिस छापेमारी करती पुलिस
मणिभूषण शर्मा
  • मुजफ्फरपुर,
  • 29 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

बिहार के मुजफ्फरपुर श्मशान घाट में चल रही अवैध शराब भट्टी को पुलिस ने ध्वस्त किया है. यहां रात के अंधेरे में शराब माफिया देसी शराब बनाते थे. आस-पास के लोगों को लगता था कोई शव जला रहा है. पुलिस ने रेड डालने के बाद शराब बनाने वाले उपकरणों को भी बरामद किया है.

मामला सदर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके माधोपुर-सुस्ता पोखर के पास का है. जानकारी के मुताबिक, यहां के श्मशान घाट में सालों से शराब फैक्ट्री चल रही थी. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि श्मशान घाट में देसी शराब बनाई जा रही है. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर ठिकाने को ध्वस्त कर दिया.

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पुलिस को देखते ही शराब माफिया फरार

मौके से पुलिस ने गैस सिलेंडर, फैक्ट्री से 10 बर्तन, 20 लीटर तैयार देसी शराब, पांच लीटर स्प्रिट, मशीन समेत कई सामान जब्त किए हैं. छापेमारी के दौरान पुलिस को देखते ही शराब माफिया मौके से फरार हो गए. पुलिस के मुताबिक, सदर थाने के थानेदार सतेंद्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में मंगलवार देर रात श्मशान घाट में रेड की गई.

मामले में सदर थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार मिश्र ने बताया, "शराब बनाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने देसी शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है. मामला दर्ज कर शराब माफिया की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पुलिस को मौके से स्प्रिट, जावा और कई सामान बरामद हुआ है."

बिहार में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी 

बताते चलें कि इससे पहले दिसंबर में छपरा में उत्पाद विभाग की टीम बलवा दियारा में छापेमारी की थी. पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान 5 अवैध शराब निर्माण करने के ठिकानों को ध्वस्त किया गया था. छापेमारी की टीम ने भारी मात्रा में कच्ची शराब बरामद की.

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इसको जमीन के अंदर बड़े-बड़े ड्रम में छिपाकर रखा गया था. छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को कई जगहों पर यूरिया भी मिला. शराब बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता था. साथ ही कोयला और भट्टे भी मिले थे, जिन्हें ध्वस्त किया गया था.

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