
बिहार के छपरा में एक व्यक्ति की निर्मम हत्या के बाद इलाके में तनाव फैला हुआ है. मामले में मृतक के पिता ने स्थानीय पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि ये हत्या वर्चस्व जमाने के लिए हुई है.
इसको लेकर अब बिहार के एडीजी जीएस गंगवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई देनी पड़ी. एडीजी ने कहा कि ये आरोप गलत हैं. हमने निष्पक्ष कार्रवाई की है.
दरअसल, 2 फरवरी की शाम साढ़े 4 बजे छपरा के मांझी थाना क्षेत्र में विजय राय और अन्य ग्रामीणों में आपस में झगड़ा हुआ था. इस दौरान कुछ लोग भागने लगे, जिसमें अमितेश कुमार सिंह को पकड़कर कुछ लोगों ने पीट दिया और उनकी मौत हो गई. वहीं राहुल कुमार, विक्की कुमार सिंह और आकाश कुमार सिंह इस झगड़े में जख्मी हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
5 नामजद और 50 अज्ञात बनाए गए आरोपी
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इस मामले में हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज दिया जिसमें 5 लोगों को नामजद और 50 अज्ञात को आरोपी बनाया गया. इनमें से अभी तक पुलिस तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है और अन्य लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.
मृतक के पिता ने की सीबीआई जांच की मांग
बता दें कि इस मामले में मृतक अमितेश के पिता ने सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है. आज तक से बातचीत में मृतक अमितेश के पिता ने कहा कि महिला मुखिया ने अपने पति और समर्थकों के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया है.
उन्होंने कहा कि मेरा बेटा खेत में पानी देने निकला था. बंधक बनाकर उसकी हत्या की गई. गौरतलब है कि छपरा के मुबारकपुर में गुरुवार को अमितेश की हत्या हुई थी. अमितेश और दो अन्य युवकों को मुखिया के पति और समर्थकों ने बंधक बनाकर पीटा था.
प्रतिक्रिया में भी हुई हिंसा
इस घटना के 3 दिनों बाद गांव के बाकी उपद्रवियों ने हत्या के आरोपी विजय यादव के घर पर पहुंचकर तोड़फोड़ की है. घर में रखे ट्रैक्टर-बाइक में आग लगा दी गई. हमले के बाद पुलिसकर्मियों ने घरवालों को बचाने की कोशिश की जिसमें कुछ पुलिसवाले घायल भी हो गए.
एडीजी ने कहा दोनों पक्षों पर हुई कार्रवाई
इस पर सफाई देते हुए एडीजी जीएस गंगवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस मामले में भी कांड दर्ज कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. एडीजी के मुताबिक इस घटना को लेकर असामाजिक तत्वों ने सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रम फैला दिया कि जाति और धर्म विशेष के खिलाफ इस घटना को अंजाम दिया गया है.
अफवाह फैलाने वालों पर भी एफआईआर
एडीजी ने कहा कि सोशल मीडिया पर घटना को लेकर अफवाह फैलाने वाली टिप्पणी की जा रही थी जिसे देखते हुए नगर थाना में एक एफआईआर दर्ज की गई है. इस प्रकरण के निष्पक्ष जांच के लिए वर्तमान थाना अध्यक्ष और पुलिस अवर निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, वर्तमान में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और निगरानी रखी जा रही है, दोनों कांडों में फिलहाल 3 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो गई है.
एडीजी मुख्यालय जीएस गंगवार ने बताया कि जो पहला कांड है उसमें लगता है कुछ अपराधकर्मी हथियार लेकर गए थे, फार्महाउस में उसी के रिएक्शन में उनको भगाने के उद्देश्य से उन लोगों को पीटा गया जिसमें से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई और 3 लोग घायल हो गए हैं.
उन्होंने कहा कि इस घटना को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई नहीं कही जा सकती है, जानबूझकर शख्स को पीटा गया जिसमें उसकी मौत हो गई इसलिए हत्या का केस दर्ज किया गया है. 3 दिन बाद जो इसका रिएक्शन हुआ वह भी साजिश के तहत किया गया. इस तरह पुलिस ने दोनों मामले में गंभीर एक्शन लिया है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जाति-धर्म को लेकर पोस्ट किया जा रहा है और भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है जिस पर कार्रवाई होगी. (इनपुट - सुजीत गुप्ता)