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बिहारः जीतनराम मांझी लॉकडाउन के खिलाफ, कहा- AC में रहने वाले नहीं समझेंगे समस्या

पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा कि वे लॉकडाउन का समर्थन उसी हालत में कर सकते हैं जब सरकार सभी लोगों के बिजली और पानी के बिल तीन महीने तक माफ कर दे, स्कूल और कॉलेज फीस माफ कर दे.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (फाइल फोटो) बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (फाइल फोटो)
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 27 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 1:53 PM IST
  • जीतनराम मांझी ने ट्वीट कर किया विरोध
  • तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना संक्रमण के मामले

बिहार में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की तेजी से बढ़ती तादाद के कारण ऑक्सीजन और बेड की किल्लत भी होने लगी है. संक्रमण की रफ्तार पर काबू पाने के लिए सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश में नाइट कर्फ्यू लागू कर रखा है. संक्रमण की तेज रफ्तार के बीच यह अटकलें भी जोर पकड़ने लगी हैं कि क्या सीएम लॉकडाउन लगाएंगे?

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बिहार में कई मेडिकल एक्सपर्ट और राजनीतिक पार्टियां इस बात की मांग कर रही हैं कि संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन लगाना जरूरी है. इन सबके बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (एचएएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी बिहार में लॉकडाउन लगाए जाने के पक्ष में नहीं हैं. मांझी ने मंगलवार को लॉकडाउन का विरोध करते हुए एक ट्वीट किया.

पूर्व सीएम मांझी ने लॉकडाउन के खिलाफ ट्वीट करते हुए एयर कंडिशनर में रहने वालों को भी खूब खरी खोटी सुनाई. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वे लॉकडाउन का समर्थन उसी हालत में कर सकते हैं जब सरकार सभी लोगों के बिजली और पानी के बिल तीन महीने तक माफ कर दे, स्कूल और कॉलेज फीस माफ कर दे. किराए पर रह रहे लोगों का किराया माफ हो जाए और बैंक ईएमआई माफ कर दे.

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पूर्व मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन का विरोध करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को शौक नहीं कि वह अपनी जान जोखिम में डालकर घर के बाहर निकले. उसे ऐसा रोजी-रोटी कमाने और कर्ज चुकाने के लिए करना पड़ता है. मांझी ने कहा कि आम आदमी को क्या समस्या होती है यह एयर कंडीशनर में रहने वाले लोग नहीं समझेंगे. गौरतलब है कि बिहार में इस समय नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी संक्रमण के मामलों में गिरावट दर्ज नहीं की जा रही है.

 

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