
बिहार के सत्ताधारी महागठबंधन का नेतृत्व कर रही नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) इन दिनों सियासी भंवर में फंस गई है. पहले पार्टी के संसदीय बोर्ड अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तेवर दिखाए और अब अन्य नेता भी उनकी राह चलते नजर आ रहे हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने सत्ता में हिस्सेदारी की मांग क्या कर डाली, अब इसे लेकर पार्टी से और भी आवाजें उठती नजर आ रही हैं.
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है. आजतक से खास बातचीत में जेडीयू महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि जाति की राजनीति पर हंसी आती है. उन्होंने कहा कि आज मुसलमानों की बात कोई नहीं कर रहा. बड़ी मुस्लिम आबादी आईसीयू में है और मुसलमान राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिलने से मायूस हैं.
गुलाम रसूल बलियावी इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि आज फ्रंटलाइन में कोई मुसलमान चेहरा नहीं है. जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि सत्ता परिवर्तन की ताकत रखने वाला मुसलमान आज हाशिए पर है. हालांकि, वे नीतीश कुमार को लेकर नरम नजर आए. गुलाम रसूल बलियावी ने जेडीयू के साथ सत्ता में भागीदार राष्ट्रीय जनता दल पर निशाना साधा.
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव किया और कहा कि वे जब मजबूत थे, तब मुसलमानों को राज्यसभा भेजा था. जेडीयू महासचिव ने कहा कि आज हमारी पार्टी का साइज छोटा हो गया है. उन्होंने नाम लिए बिना अपनी गठबंधन सहयोगी आरजेडी पर तंज किया और कहा कि जिनको मुसलमानों ने एकतरफा समर्थन दिया, उन्होंने मुस्लिम समाज को बदले में क्या वापस किया.
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि ऐसे में मुसलमान भी अपना भविष्य देखेगा. गौरतलब है कि जेडीयू महासचिव गुलाम रसूल बलियावी का ये बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उपेंद्र कुशवाहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने एक कार्यक्रम में लालू यादव और नीतीश कुमार, दोनों ही सरकारों पर हमला बोलते हुए सत्ता में भागीदार का सवाल उठाया था.
उपेंद्र कुशवाहा ने 10 का शासन 90 पर के पुराने नारे का जिक्र करते हुए ये सवाल किया था कि आज 90 फीसदी की हिस्सेदारी कौन खा रहा है. सत्ता मिलने के बाद अति पिछड़ा समाज के किस व्यक्ति को सत्ता में हिस्सेदारी दी गई, किसको आगे बढ़ाने का काम किया गया? उन्होंने तंज करते हुए ये भी कहा था कि आज भी 10 फीसदी शोषक हैं, बस शोषण करने वाले बदल गए हैं.
(रिपोर्ट- शशि भूषण)