
बिहार में बारिश और बाढ़ का कहर जारी है. अब तक अलग-अलग घटनाओं में लगभग आकाशीय बिजली गिरने से 16 लोगों की मौत हो चुकी है. बिहार के जमुई में जहां वज्रपात से 7 लोगों की जान गई वहीं औरंगाबाद में भी 7 लोगों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने की वजह से मौत हो गई. नालंदा में भी 2 व्यक्तिओं की मौत हुई है.
पिछले महीने भी ऐसी ही घटना हुई थी जिसमें अलग अलग जिलों में 24 घंटे के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से करीब 30 लोगों की मौत हो गई थी. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए.
विभाग के मुताबिक, वज्रपात से सबसे अधिक भागलपुर में छह लोगों की मौत हुई, जबकि बेगूसराय में चार लोग इसकी चपेट में आ गए. इसके अलावा सहरसा, पूर्णिया, अररिया, जमुई, दरभंगा, मधेपुरा, खगड़िया, कटिहार, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, शिवहर, नवादा और गया में भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई.
बिहार से सटे उत्तर प्रदेश में दो दिन पहले ऐसी ही एक दर्दनाक घटना सामने आई जिसमें आकाशीय बिजली गिरने से 35 लोगों की मौत हो गई. आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर और फतेहपुर में सात-सात, झांसी में पांच, जालौन में चार, हमीरपुर में तीन, गाजीपुर में दो और जौनपुर में एक और प्रतापगढ़, कानपुर देहात और चित्रकूट में एक-एक व्यक्ति मारे गए. वहीं देवरिया, अंबेडकरनगर और कुशीनगर में सांप काटने से तीन लोगों की मौत हो गई.