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बिहार में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी, 'आजतक' के कैमरे में कैद हुए माफियाओं के ठिकाने

बिहार में जहरीली शराब का कहर थम नहीं रहा है. छपरा जिले में जहरीली शराब के चलते हुई मौतों का आंकड़ा अब 70-80 से ज्यादा हो गया है. छपरा के अलावा सारण, सीवान और बेगूसराय में भी लोगों की जान गई है. वहीं, सोमवार को उत्पाद विभाग की टीम ने बलवा दियारा में लाइव छापेमारी की. इस दौरान 'आजतक' की टीम भी मौजूद रही.

छपरा में उत्पाद विभाग की कार्रवाई छपरा में उत्पाद विभाग की कार्रवाई
रोहित कुमार सिंह
  • छपरा,
  • 19 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:37 PM IST

बिहार के छपरा में सोमवार को उत्पाद विभाग की टीम बलवा दियारा में लाइव छापेमारी की. इस दौरान 'आजतक' की टीम भी मौजूद रही. 'आजतक' की टीम छपरा के डोरीगंज इलाके में उत्पाद विभाग की टीम के साथ लाइव छापेमारी पर निकली. फिर गंगा में आधे घंटे तक स्पीड बोट पर सवार होकर बलुआ दियारा इलाके पहुंची.

छापेमारी में ड्रोन कैमरे की ली गई मदद

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यहां पहुंचने के बाद 'आजतक' की टीम उत्पाद विभाग की टीम के साथ पांच किलोमीटर तक पैदल चली. फिर उन ठिकानों पर पहुंची, जहां शराब माफिया एक्टिव हैं और यहां से अपने अवैध कारोबार को बढ़ावा देते हैं. उत्पाद विभाग की टीम को ड्रोन कैमरे की मदद से पता चला कि कौन-कौन से इलाके में अवैध शराब का कारोबार चलाया जा रहा है. 

यहां देखें वीडियो...

ड्रम और तालाब में मिली कच्ची शराब

पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान 5 अवैध शराब निर्माण करने के ठिकानों को ध्वस्त किया गया. छापेमारी की टीम ने भारी मात्रा में कच्ची शराब बरामद की. इसको जमीन के अंदर बड़े-बड़े ड्रम में छिपाकर रखा गया था.

छापेमारी के दौरान 2 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद की गई. इसे बड़े पैकेट में डालकर तालाब के अंदर छिपाया गया था. इसे भी तालाब से निकालकर नष्ट किया गया.

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छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को कई जगहों पर यूरिया भी मिला. शराब बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता था. साथ ही कोयला और भट्टे भी मिले, जिन्हें ध्वस्त किया गया.

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