
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सभी राजनीतिक पार्टियां जोर-शोर से तैयारियों में जुटी हैं. एक तरफ बीजेपी सत्ता में हैट्रिक करने का दावा कर रही है तो वहीं विपक्षी दल एक बार फिर महागठबंधन की कवायद में जुटे हैं. इसको लेकर 23 जून को पटना में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गई है. इस सबके बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने तय समय से पहले लोकसभा चुनाव होने की संभावना जताई है.
ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए नीतीश कुमार ने अधिकारियों को सभी योजनाओं का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि पता नहीं कब लोकसभा चुनाव हो जाएं. जरूरी नहीं कि चुनाव अगले साल हो, हो सकता है इसी साल के आखिर में चुनाव हो जाए.
'कब चुनाव हो जाएं, कोई जानता है क्या?'
अधिकारियों को परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हम शुरू से कहते आए हैं कि जल्दी कीजिए. जितना जल्दी करवा दीजिएगा, उतना अच्छा है. कब चुनाव हो जाएं, कोई जानता है क्या? कोई जरूरी है कि अगले ही साल चुनाव होगा. कोई ठिकाना है अगर पहले ही चुनाव हो जाए. इसलिए तेजी से काम करिए.
'सड़कों का काम भी तेजी से करें'
सीएम नीतीश ने आगे कहा कि थोड़ा तेजी से काम कर दीजिए, हमें अच्छा लगेगा. लोगों को कितनी खुशी होगी. जो काम आप करते हैं अपनी तरफ से, इनकी जानकारी भी लोगों को होनी चाहिए. सभी सड़कों का काम ठीक से कीजिएगा. गांवों को जोड़ने वाली सड़कों के अलावा भी अन्य सड़कों का काम तेजी से होना चाहिए.
वहीं बीजेपी ने नीतीश कुमार के दावे का खंडन करते हुए कहा है कि चुनाव समय पर ही होंगे. बीजेपी नेता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव समय पर होंगे. नीतीश कुमार डरे हुए हैं, इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं.
23 जून को पटना में जुटेंगे विपक्षी नेता
23 जून को नीतीश कुमार के बुलावे पर विपक्षी दलों की बैठक का आयोजन होना है. इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे. इनके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, शरद पवार, केजरीवाल, हेमंत सोरेन, स्टालिन, अखिलेश यादव भी शामिल होंगे. इन सबकी सहमति से बैठक की तारीख तय हुई है. बैठक में लेफ्ट के नेता भी बैठक में शामिल होंगे, जिनमें सीताराम येचुरी, डी राजा, दीपांकर भट्टाचार्य जैसे नाम शामिल हैं.
सिर्फ 100 सीटों पर बीजेपी को क्यों हराना चाहते हैं नीतीश?
नीतीश कुमार बार-बार इस बात को दोहराते रहे हैं कि उन्हें बीजेपी को सत्ता से बेदखल करना है. इसके लिए उन्हें सिर्फ 100 सीटों पर बीजेपी को हराना है. इसके लिए जरूरी है कि ऐसे राज्य जहां क्षेत्रीय पार्टी की सरकार है, वहां महागठबंधन बनाया जाए और बीजेपी के खिलाफ बस एक उम्मीदवार को मैदान में उतारा जाए. इसमें मुख्य रूप से यूपी की 80, बिहार की 40, बंगाल की 42, महाराष्ट्र की 48, दिल्ली 7, पंजाब की 13 और झारखंड की 14 लोकसभा सीटें शामिल हैं.