
नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से गठबंधन तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ सरकार बना ली थी. नीतीश कुमार ने जबसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से नाता तोड़ा है और महागठबंधन में शामिल होकर सरकार का गठन किया है, बीजेपी हमलावर है. बीजेपी के नेता नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड में बगावत की बात कर रहे हैं तो वहीं घटनाक्रम इस बात का संकेत करते हैं कि महागठबंधन में भी सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है.
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में आरजेडी कोटे से कृषि मंत्री बने सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह कहकर फजीहत करवाई कि वे चोरों के सरदार हैं. नीतीश कुमार को सुधाकर सिंह का यह बयान इतना नागवार गुजरा कि मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने सुधाकर सिंह को टोका और ऐसे बयान नहीं देने की हिदायत दी.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार ने जैसे ही सुधाकर सिंह को ऐसे बयान देने से परहेज करने के लिए कहा, आरजेडी कोटे से मंत्री उखड़ गए. सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा भिजवा देने की बात कह डाली. दरअसल, पिछले दिनों अपने विधानसभा क्षेत्र में सुधाकर सिंह एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे.
अपने निर्वाचन क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को भ्रष्ट बताया था और कहा था कि वे चोरों के सरदार हैं. सुधाकर सिंह के इस बयान को लेकर विपक्ष ने भी महागठबंधन सरकार पर जमकर निशाना साधा था. गौरतलब है कि सुधाकर सिंह कृषि मंत्री बनने के बाद से ही लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं.
दरअसल, सुधाकर सिंह 2013 में चावल घोटाले के आरोपी हैं और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है. इसी को लेकर विपक्ष उन पर लगातार हमलावर हुआ रहता है. ऐसे में सुधाकर सिंह के बयान को लेकर नीतीश कुमार के साथ उनकी जो जबानी झड़प हुई है, उससे जो संकेत सामने आ रहे हैं वो यही हैं कि महागठबंधन सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.