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पूर्व मुख्यमंत्री और राजनांदगांव लोकसभा सीट के कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने राजनांदगांव प्रवास पर थे. इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि महादेव सट्टा ऐप मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर वे अग्रिम जमानत नहीं कराएंगे. बघेल ने कहा कि पहले नोटिस मिले फिर मैं मामले को समझूंगा. भूपेश बघेल सोमवार को राजनांदगांव यश वाटिका में आयोजित दक्षिण ब्लाक स्तरीय कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे थे. इस मौके पर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्ववर्ती कांग्रेस की योजनाओं को बंद कर दिया है. उन्होंने कहा कि 500 रुपये के उज्जवला गैस, 18 लाख परिवार को आवास भी बंद कर दिया गया है, इसलिए भाजपा को बाय बाय करने का समय आ गया है.
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भूपेश बघेल ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की सरकार पीएससी घोटाले के मामले में सिर्फ युवाओं को बरगलाया है. सीबीआई जांच कराने की बात कही थी. अब जांच ठण्डे बस्ते मे चली गई है. उन्होंने कहा कि जिस तरह राशन कार्ड में कटौती हुई थी इसी तरह चुनाव के बाद महतारी वंदन की राशि में कटौती होगी. किसानों की 3100 रुपये में धान खरीदी सिर्फ चुनावी वर्ष में किया जायेगा.
गौरतलब है कि भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में भूपेश बघेल के अलावा महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 16 अन्य लोगों का नाम शामिल हैं.
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला तब से सुर्खियों में आया, जब ईडी ने दावा किया कि उसने एक 'कैश कूरियर' के ईमेल स्टेटमेंट को रिकॉर्ड किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूएई में स्थित ऐप प्रमोटरों से कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये लिए थे.