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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गांव करका में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की. कोर्ट ने चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. मृतक की मां ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच करवाने की मांग की थी.
दावा किया गया था कि गाय चराने गए चार ग्रामीणों को नक्सली बताकर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें से एक ग्रामीण की मौत हो गई. मृतक की मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्तों के अंदर जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है.
बीजापुर जिले के करका गांव में हुई इस कथित फर्जी मुठभेड़ को नक्सली मुठभेड़ का नाम दिया गया था. इस एनकाउंटर में पुलिस की फायरिंग में समारू मड़कम नामक ग्रामीण की मौत हो गई थी. मृतक की मां ने इस एनकाउंटर को फेक एनकाउंटर करार दिया था. एनकाउंटर में एक अन्य ग्रामीण के पैर में गोली लगी थी, जबकि दो ग्रामीण पुलिस से डरकर भाग गए थे. जिस ग्रामीण के पैर में गोली लगी थी, उसे और अन्य दो ग्रामीणों को पुलिस ने छोड़ दिया था. उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.
वहीं, मृतक समारू को नक्सली बताकर एनकाउंटर का नाम दिया गया था. इस मामले में समारू की मां ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. याचिका में कथित फर्जी एनकाउंटर के दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग के साथ ही इसकी सीबीआई जांच की मांग की गई है. हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य शासन को मामले से संबंधित केस डायरी चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.
(इनपुट: मनीष शरण)