
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में महादेव बुक ऐप मामले में चौदह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया. इंडिया टुडे के पास मौजूद आरोप पत्र के मुताबिक, महादेव बुक ऐप मामले के वांछित सरगनाओं सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने छत्तीसगढ़ पुलिसकर्मियों और चंद्रभूषण वर्मा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के करीबी वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में उनके अवैध संचालन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करने के लिए रिश्वत दी थी.
अगस्त में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए एएसआई चंद्रभूषण वर्मा ने अपने बयान में खुलासा किया है कि मुख्यमंत्री के करीबी दोस्त और सीएमएस कार्यालय से जुड़े विशेष कर्तव्य के दो अधिकारियों को हवाला के माध्यम से रिश्वत का भुगतान किया गया था.
22.08.2023 को पीएमएलए, 2002 की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए अपने बयान में एएसआई चंद्रभूषण वर्मा (महादेव ऑनलाइन बुक के लिए लाइजनिंग का काम देखने वाले पुलिस कर्मी) ने अन्य बातों के साथ-साथ कहा कि रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर महादेव ऐप के प्रमोटर हैं.
मेसर्स आभूषण ज्वैलर्स के अलावा, रवि उप्पल नागपुर के हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से भी पैसा भेजते हैं, जहां से ज़ासिफ़, रितेश और अन्य लोग नकदी इकट्ठा करते हैं और इसे विभिन्न पुलिस अधिकारियों को लाइजनिंग के रूप में बांटते हैं. हवाला आय का एक हिस्सा विजय भाटिया, लक्ष्मीनारायण बंसल, आशीष कुमार वर्मा और मनीष बंछोर को भी दिया गया था.
नागपुर से एकत्र की गई हवाला आय का एक हिस्सा विजय भाटिया, लक्ष्मीनारायण बंसल, वर्मा और मनीष बंछोर और आशीष को भी सौंपा गया था. विजय भाटिया छत्तीसगढ़ के सीएम के करीबी दोस्त हैं. लक्ष्मीनारायण बंसल रियल एस्टेट से जुड़े हैं. आशीष वर्मा और मनीष बंछोर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के ओएसडी हैं.
एएसआई वर्मा ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने रवि उप्पल के भाइयों रोहित उप्पल और राहुल उप्पल से अपने सहयोगी राहुल वक्ते के मोबाइल फोन के माध्यम से हवाला राशि की मिलने के संबंध में व्हाट्सएप के माध्यम से बात की थी.