
एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस हिरासत में कथित तौर पर एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. दरअसल तीस वर्षीय गुरुचंद मंडल को अपनी लापता पत्नी से जुड़े पूछताछ के लिए पुलिस ने बुलाया था. गुरुवार की देर रात जारी किए गए निलंबन ऑर्डर के अनुसार पुलिस ने मंडल को थाने पर उसकी पत्नी से जुड़े तथ्यों के बार में पूछताछ करने के लिए बुलाया था.
जिसके बाद उसका शव बाथरूम में लटका मिला. इस घटना के बाद, मामले की जांच शुरू हो गई और प्रारंभिक जांच में बलरामपुर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया और सिपाही अजय यादव की लापरवाही पाई गई और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. बता दें कि मंडल की पत्नी 29 सितंबर को लापता हो गई थी, जिसके बाद मंडल ने बलरामपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की थी.
एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद भारी संख्या में लोग थाने में पहुंच गए और वहां गाड़ियों की तोड़ फोड़ करने लगे. न्यूज एजेंसी PTI के हवाले से आई खबर के अनुसार लोगों को वहां से हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. इस पूरे मामले के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के शासन काल में राज्य की कानून व्यवस्था बिलकुल चरमरा गई है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बजाज ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि, राज्य की शासन व्यवस्था बिल्कुल ध्वस्त हो गई है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं भाजपा सरकार की विफलता के कारण हो रही हैं. बलरामपुर में स्थिति तनावपूर्ण है, यहां स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन पर पथराव किया है. इसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन जिम्मेदार है. बजाज ने आगे कहा कि हम घटना की निंदा करते हैं और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं. कांग्रेस ने घटना की जांच के लिए आठ सदस्यीय कमेटी का गठन किया है.