
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कोरबा जिले में रविवार सुबह 9 बजकर 9 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है. भूकंप का केंद्र कोरबा पश्चिम के जमीन के नीचे 5 किलोमीटर अंदर रिकॉर्ड किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके इतने तेज थे कि देखते ही देखते लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. कोरबा में तो धमाके की आवाज भी आई. भूकंप से पसान क्षेत्र के कच्चे पक्के मकान में दरार पड़ी हैं. यहां करीब 3 से 4 सेकेंड तक झटके महसूस किए गए. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
इससे पहले 10 अगस्त को हिमाचल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. हिमाचल के लाहौल एवं स्पीति में भूकंप के झटके आए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के मुताबिक भूकंप देर रात महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.3 दर्ज की गई.
क्यों आता है भूकंप?
धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एकदूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं.
रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.