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धमतरी में कांग्रेस ने लगाया ईवीएम हैकिंग का आरोप, कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

धमतरी में ईवीएम हैकिंग का मामला सामने आया है. कांग्रेस का आरोप है कि जनमत बदलने की कोशिश में बीजेपी ने ऐसा किया है. कांग्रेसियों ने चुनाव आयोग के दफ्तर में हंगामा किया. जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट तलब किया गया है.

धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा
अजीत तिवारी/सुनील नामदेव
  • धमतरी,
  • 28 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST

रायपुर में ईवीएम हैकिंग को लेकर कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई. पार्टी  प्रदेश प्रभारी पी. एल. पुनिया के मुताबिक बीजेपी जनमत को बदलने में जुटी है. कांग्रेस ने धमतरी की घटना का हवाला देते हुए  कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है. दरअसल, मंगलवार दोपहर धमतरी जिले के स्ट्रांग रूम में एक पटवारी और एक तहसीलदार समेत 3 अज्ञात लोग दाखिल हुए.

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कभी सीसीटीवी ठीक करने तो कभी इलेक्ट्रिशियन होने का हवाला देकर 5 लोगों ने करीब 5 से 7 घंटे स्ट्रांग रूम में बिताए. कांग्रेस के मुताबिक ये सभी लोग अनधिकृत रूप से लैपटॉप और मोबाइल लेकर स्ट्रांग रूम में दाखिल हुए थे. रायपुर में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर में देर रात तक कोहराम मचा रहा. यहां कांग्रेस के सभी छोटे बड़े नेता मौजूद थे.

मामला बेहद गंभीर था, बावजूद इसके मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कांग्रेस की सूचना के बाद भी अपने दफ्तर में नहीं आए. लिहाजा, कांग्रेसियों ने उनके बंगले का रुख करने का ऐलान किया. उधर, माहौल बिगड़ता देख मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी फौरन चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और उन्होंने कांग्रेसियों की शिकायतों को सुना.

कांग्रेस के मुताबिक मंगलवार की दोपहर धमतरी जिले के स्ट्रांग रूम में बगैर किसी ठोस कारण के मोबाइल लैपटॉप लेकर दो सरकारी मुलाजिमों के अलावा 3 ऐसे व्यक्ति दाखिल हुए, जिनके पास ना तो स्ट्रांग रूम में दाखिल होने की कोई अनुमति थी और ना ही कोई ठोस काम हुआ. कांग्रेस की यह भी दलील है कि ये सभी  लोग कई घंटों तक स्ट्रांग रूम में मौजूद रहे. जहां ये लोग मौजूद थे वहां किसी को भी नहीं जाने दिया गया. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी हैकिंग करा रही है.

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कांग्रेसियों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर में तब तक डेरा डाले रखा जब तक की उन्हें कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन नहीं मिला. दरअसल, मंगलवार की दोपहर धमतरी जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर 2 सरकारी अधिकारियों को स्ट्रांग रूम में जाने की अनुमति दी गई थी. इनमें से एक पटवारी था जबकि दूसरा व्यक्ति एक तहसीलदार था. इन दोनों ही सरकारी अफसरों के साथ 3 अज्ञात लोग भी स्ट्रांग रूम में जा पहुंचे.

ये सभी अपने हाथों में मोबाइल और लैपटॉप लिए हुए थे, जबकि भारत निर्वाचन आयोग के नियम और निर्देशों के मुताबिक स्ट्रांग रूम  में किसी भी तरह का इलक्ट्रोनिक डिवाइस, मोबाइल और लैपटॉप ले जाना मना है. बावजूद इसके तमाम दिशा निर्देशों को दरकिनार कर ये सभी लोग कई घंटों तक स्ट्रांग रूम में मौजूद रहे. इनकी संदेहास्पद गतिविधियों की जानकारी कांग्रेसियों को जैसे ही लगी तो उन्होंने स्ट्रांग रूम के सामने हंगामा करना शुरू कर दिया.

इस घटना के बाद कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ-साथ बीजेपी पर भी हमला बोला है. उनका सीधे तौर पर आरोप है कि अब सरकारी संरक्षण में जनमत बदलने की कोशिश हो रही है. उधर निर्वाचन आयोग अपनी सफाई देने में जुटा है. फिलहाल, धमतरी के जिला निर्वाचन अधिकारी पिछले 3 दिनों से अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित है. इधर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कांग्रेसियों को आश्वस्त किया है कि वो जल्द ही इस मामले की तह तक जाएंगे.

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