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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 65 लाख रुपये कैश और गहने लूटने के आरोप में पूर्व BSF जवान समेत 10 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक परिवार से बंदूक के बल पर 65 लाख 25 हजार रुपये और आभूषण लूटने के मामले में शामिल थे. पुलिस ने गुरुवार को इस मामले का खुलासा किया.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना मंगलवार को अनुपम नगर इलाके में हुई, जब नगर निगम चुनावों के बीच खमरडीह थाना क्षेत्र में आरोपियों ने कैमोफ्लाज वर्दी पहनकर एक घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया.
रायपुर रेंज के महानिरीक्षक (IG) अमरेश मिश्रा के अनुसार, मास्टरमाइंड ए. सोम शेखर जो 2011 में BSF से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले चुका था, उसने अपने साथियों देवलाल वर्मा, कमलेश वर्मा, राहुल त्रिपाठी, उसकी पत्नी नेहा, पुरुषोत्तम देवांगन, अजय ठाकुर, मनुराज मौर्य, पिंटू सरवान और शाहिद पठान के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया.
आरोपियों ने मनोहरन वेलु के घर में घुसकर उन्हें और उनकी दो बहनों को बंदूक दिखाकर बंधक बना लिया और फिर लूटपाट की. पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें रायपुर, राजनांदगांव, बलौदाबाजार के अमेरा गांव, भिलाई और बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया. शाहिद पठान और पिंटू सरवान को नागपुर (महाराष्ट्र) से पकड़ा गया.
पूर्व BSF जवान बना मास्टरमाइंड
IG मिश्रा के अनुसार, शेखर BSF में सूबेदार था और सेवानिवृत्त होने के बाद NGO और रियल एस्टेट का काम करता था. उसे पता था कि वेलु ने मंदिर हसौद इलाके में ज़मीन बेची थी और घर में बड़ी नकदी रखी थी. इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस लूट को अंजाम दिया.