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Mahadev Betting App मामले में आरोपी सिपाही पुलिस सेवा से बर्खास्त, दुर्ग SP ने जारी किया आदेश

छत्तीसगढ़ के हाई प्रोफाइल महादेव सट्टा ऐप केस (Mahadev Betting App Case) में आरोपी दो पुलिस आरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. दुर्ग एसपी (SP) जितेन्द्र शुक्ला ने निलंबित आरक्षक भीम सिंह यादव और अर्जुन यादव को पुलिस की सेवा से बर्खास्त कर दिया है.

सिपाही को किया बर्खास्त. सिपाही को किया बर्खास्त.
रघुनंदन पंडा
  • दुर्ग,
  • 10 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:25 AM IST

छत्‍तीसगढ़ के सबसे चर्चित महादेव सट्टा ऐप (Mahadev Betting App Case) मामले में जांच जारी है. इस मामले में आरोपी रहे दुर्ग पुलिस के कॉन्स्टेबल भीम सिंह यादव के भाई आरक्षक अर्जुन यादव को एसपी ने बर्खास्‍त कर दिया है. दोनों आरोपी सगे भाई हैं, दोनों सिपाही के पद पर थे. महादेव सट्टा ऐप का आरोपी अर्जुन यादव काफी समय से सस्‍पेंड चल रहा था. वह कई दिनों से गायब है.

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जानकारी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में संलिप्‍त पाए जाने के बाद दुर्ग में पदस्थ सिपाही भीम सिंह यादव को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था, एसपी ने अब बर्खास्त कर दिया है. ईडी ने महादेव सट्टा ऐप मामले में सुपेला थाने में पदस्थ सिपाही भीम सिंह यादव और उसके साथी ड्राइवर असीम दास उर्फ बप्‍पा को गिरफ्तार किया था. ये दोनों रायपुर सेंटल जेल में हैं.

अब आरक्षक भीम सिंह के भाई आरक्षक अर्जुन यादव को बर्खास्‍त कर दिया गया है. इस मामले के उजागर होने के बाद से सिपाही गायब है. इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है. 

पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक ने क्या बताया?

दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय रायपुर ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सुपेला थाने में तैनात आरक्षक भीम सिंह यादव को गिरफ्तार किया था. ऑनलाइन अवैध सट्टेबाजी वेबसाइट महादेव ऑनलाइन बुक मामले में ED जांच कर रही है. ED ने असीम दास उर्फ बप्पा के घर और रायपुर स्थित होटल से लगभग सात करोड़ रुपए कैश जब्त किए थे. इस दौरान 15 करोड़ से अधिक के ऑनलाइन अकाउंट सीज किए गए थे.

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महादेव सट्टा केस में संलिप्त थे दोनों सिपाही

एसपी ने कहा कि दो आरक्षकों को बर्खास्त किया गया है. आरक्षक भीम यादव, अर्जुन यादव दोनों भाई हैं. ये दुर्ग पुलिस में कार्यरत थे. महादेव सट्टा ऐप मामले में दोनों की संलिप्तता पाई गई थी. भीम सिंह यादव जेल में अभी निरुद्ध है. अर्जुन यादव फरार रहा है. अर्जुन यादव को लगातार गैर हाजिर होने से अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त किया गया है. भीम सिंह यादव को उसकी अवैधानिक गतिविधियों में संलिप्त होने पर के कारण सर्विस से बर्खास्त किया गया है.

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