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इलेक्ट्रिक स्कूटी में हुए विस्फोट से दो मंजिला मकान में लगी भीषण आग; ग्रिल काटकर निकाला गया परिवार; ₹50 लाख का नुकसान

Chhattisgarh News: आशीष अग्रवाल और उनके भाई की शहर में पैलेस रोड सहित दो दुकानें संचालित हैं. वे मोबाइल एवं एसेसरीज के होल सेल का कारोबार करते हैं. दुकान के दोनों मंजिलों में मोबाइल एवं एसेसरीज के सामान भरे हुए थे. आग इनके कारण तेजी से फैली. फायर ब्रिगेड के पहुंचने में देरी के कारण आग भयावह हो गई. 

दो मंजिला मकान में लगी भीषण आग. दो मंजिला मकान में लगी भीषण आग.
सुमित सिंह
  • अंबिकापुर ,
  • 29 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 3:20 PM IST

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर की कुंडला सिटी में देर रात इलेक्ट्रिक स्कूटी में हुए विस्फोट के कारण दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई. आगजनी में मकान में रह रहे दो भाइयों के परिवार के 9 लोग फंस गए. पुलिस ने ग्राउंड फ्लोर पर रह रहे परिवार को पीछे सीढ़ी लगाकर एवं उपरी मंजिल में रह रहे परिवार के चार सदस्यों को ग्रील काटकर बाहर निकाला. भीषण आगजनी में 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है. 

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जानकारी के मुताबिक, बीती रात कुंडला सिटी में निवासरत श्याम मोबाइल के संचालक आशीष अग्रवाल के मकान में भीषण आग लग गई. हादसे का कारण पार्किंग में चार्ज में लगे इलेक्ट्रिक स्कूटी में विस्फोट बताया जा रहा है. रात करीब 12.15 बजे इलेक्ट्रिक स्कूटी के बैटरी में विस्फोट के बाद फैली आग से पार्किंग में रखी बाइक और दुकान के सामन के बड़े-बड़े कर्टन्स जल उठे. देखते ही देखते आग ग्राउंड फ्लोर एवं पहली मंजिल तक पहुंच गई. 

आग की तेज लपटें उठते देख मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए. आगजनी की सूचना फायर ब्रिगेड टीम एवं अंबिकापुर पुलिस को दी गई. सूचना पर कोतवाली पुलिस टीम सहित एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लो की टीम मौके पर पहुंच गई. फायर ब्रिगेड की टीम के मौके पर पहुंचने के पहले ही आग भयावह हो जाने को देखते हुए पुलिस ने मकान के दोनों मंजिलों में रहने वाले भाइयों के परिवार जनों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की. 

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सीढ़ी लगाकर निकाले गए 2 परिवार 
पुलिस ने पहले ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले आशीष अग्रवाल के भाई अमित अग्रवाल, उनकी पत्नी व दो बच्चों एवं उनकी मां को पीछे छोटे आंगन की बाउंड्री में सीढ़ी लगाकर बाहर निकाल लिया. अमित  अग्रवाल आग की चपेट में आकर झुलस गए. उपरी मंजिल में आशीष अग्रवाल, उनकी पत्नी एवं 8 व 12 वर्ष के दो बच्चे फंस गए. आशीष अग्रवाल ने उपरी मंजिल का दरवाजा जैसे ही खोला, वे आग की लपटों की चपेट में आ गए. उन्होंने तुरंत दरवाजा बंद कर लिया. वे आग से झुलस गए. 
 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  अमोलक सिंह ने उपरी मंजिल में फंसे परिवार को बाहर निकालने के लिए पीछे की खिड़की का ग्रिल काटने का निर्देश दिया. पुलिस टीम ने तत्काल ग्रील को काटा एवं लोगों के निकलने लायक जगह बनाकर आशीष अग्रवाल, उनकी पत्नी एवं दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. तब तक आग पहली मंजिल पर भी बेकाबू हो गई थी. आशीष अग्रवाल एवं अमित अग्रवाल को कुंडला सिटी में संचालित निर्मला हॉस्पीटल में दाखिल कराया गया. 

फायर ब्रिगेड टीम ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया. आगजनी में दोनों में मंजिलों में रखा सामान पूरी तरह से जल गया है और कुछ भी सुरक्षित नहीं बचा. आग बुझाने का कार्य रात 3.30 बजे तक चलता रहा. आगजनी से करीब 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है. 

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आशीष अग्रवाल और उनके भाई की शहर में पैलेस रोड सहित दो दुकानें संचालित हैं. वे मोबाइल एवं एसेसरीज के होल सेल का कारोबार करते हैं. दुकान के दोनों मंजिलों में मोबाइल एवं एसेसरीज के सामान भरे हुए थे. आग इनके कारण तेजी से फैली. फायर ब्रिगेड के पहुंचने में देरी के कारण आग भयावह हो गई. 

मौके पर देर रात तक मौजूद रहे कुंडला सिटी में निवासरत व्ययसायी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि अंबिकापुर पुलिस की सजगता से दोनों परिवार सुरक्षित बच सके. बेकाबू आग को देखते हुए पुलिस ने खिड़की का ग्रील काटकर उपरी मंजिल से आशीष अग्रवाल के परिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया .

सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ने बताया कि  कुंडल सिटी स्थित आशीष अग्रवाल के घर में अज्ञात कारण से आग लग गई थी. डायल 112 ने कोतवाली थाना, फायर स्टेशन को सूचना दी. हम तत्काल मौके पर पहुंचे. कड़ी मशक्कत के बाद घर के पीछे की ग्रिल काटकर परिवार के सदस्यों को निकाला गया. आशीष अग्रवाल और उनके भाई आग की चपेट में आ गए थे. नजदीक के अस्पताल में दोनों को देर रात भर्ती कराया गया. मौके पर पाया कि एक इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज में लगी हुई थी जिसकी बैटरी फटी हुई थी. जांच के बाद आग लगने का कारण स्पष्ट हो पाएगा.

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