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जिस बकरे की दी बलि, उसी की आंख के कारण गई शख्स की जान, कैसे?

सूरजपुर जिले में रविवार के दिन कुछ ग्रामीणों ने प्रसिद्ध खोपा धाम में बकरे की बलि दी. उसके बाद बकरे का मांस पकाया. पका मांस के दौरान 50 साल के बागर साय ने बकरे की आंख खा ली. लेकिन वह आंख उसके गले में अटक गई. इससे बागर को सांस लेने में दिक्कत होने लगी. फौरन उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

प्रतीकात्मक तस्वीर. प्रतीकात्मक तस्वीर.
महेंद्र नामदेव
  • सूरजपुर,
  • 04 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

एक बकरे की आंख किसी मनुष्य की जान कैसे ले सकता है? लेकिन सूरजपुर जिले में एक ग्रामीण के साथ ऐसी ही घटना घटित हुई और बकरे की आंख के चक्कर में उसकी जान चली गई. दरअसल, ग्रामीण ने बकरे की बलि देने के बाद उसकी आंख खा ली. आंख उसके गले में जा फंसी जिसके बाद उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उसकी मौत हो गई.

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मामला सूरजपुर से लगे ग्राम पर्री का है. रामानुजनगर थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव का रहने वाला 50 वर्षीय बागर साय रविवार को गांव के अपने कुछ साथियों के साथ प्रसिद्ध खोपा धाम पहुंचा था. दरअसल, उसने एक मन्नत मांगी थी. मन्नत पूरी हुई तो वह बकरे की बलि देने के लिए खोपा धाम पहुंचा.

गले में जा फंसी बकरे की आंख
उन्होंने यहां पूजा करने के बाद बकरे की बलि दी. उसके बाद सभी लोगों ने मिलकर बकरे का मांस पकाया. तभी बागर ने पके मांस से बकरे की आंख निकाली और उसे बड़े चाव से खाने लगा. लेकिन आंख उसके गले में जा फंसी. बकरे की आंख के गले में फंसते ही बागर तड़पने लगा. उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी.

परिवार में पसरा मातम
ग्रामीणों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया. जहां उसकी इलाज के दौरान ही मौत हो गई. घर वालों को बागर की मौत की सूचना मिली तो वे भी तुरंत अस्पताल पहुंचे. बागर की मौत से परिवार में मातम पसर गया है. सभी का रो-रोकर बुरा हाल है.

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