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छत्तीसगढ़: बीजापुर में 62 छात्राएं हुईं फूड पॉइजनिंग की शिकार, एक की मौत

बीजापुर के माता रुक्मणी आश्रम स्कूल में खराब खाने से एक बच्ची की मौत हो गई. वहीं स्कूल के दो दर्जन से ज्यादा छात्र बीमार पड़ गए. बीमार छात्रों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं घटना की जांच के लिए जिला कलेक्टर ने पांच लोगों की टीम का गठन किया है.

 माता रुक्मणी आश्रम स्कूल में खराब खाने से बच्ची की मौत (प्रतीकात्मक फोटो) माता रुक्मणी आश्रम स्कूल में खराब खाने से बच्ची की मौत (प्रतीकात्मक फोटो)
aajtak.in
  • बीजापुर,
  • 11 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:10 PM IST

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माता रुक्मणी आश्रम स्कूल में खराब खाने की वजह से बुधवार को 35 छात्राओं की तबीयत खराब हो गई. जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे एक दिन पहले ही स्कूल के 27 छात्रों की तबीयत बिगड़ गई थी. बीमार हुई छात्राओं में से 9 की हालत गंभीर है, जिन्हें ICU में एडमिट किया गया है.

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वहीं इस दौरान दो लड़कियों की हालत ज्यादा खराब हो गई, जिन्हें इलाज के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक जगदलपुर मेडिकल जाते समय ही छात्रा शिवानी तेलाम की मौत हो गई.

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आश्रम की व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल

रुक्मणी आश्रम स्कूल का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. वहीं अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग जिले में संचालित आश्रम विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को लेकर गंभीर नहीं है. क्योंकि बच्चों की मौत का सिलसिला अनवरत जारी है, फिर भी उससे कोई सबक आश्रम प्रशासन नहीं ले रहा है. साथ ही अब ये सवाल उठने लगा है कि आखिर आश्रम के इतने सारे बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार कैसे हो गए.

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जांच के लिए टीम का गठन किया गया

आश्रम की जर्जर हालत को लेकर लेकर स्थानीय नागरिक और जन प्रतिनिधि कई बार शिकायत कर चुके हैं. लोगों का आरोप है कि आश्रम में बच्चों को अच्छा खाना नहीं दिया जाता है और हमेशा खाने की कमी रहती है. लोगों ने बताया कि आश्रम में बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया जाता और लापरवाही बरती जाती है. इसी वजह से ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. घटना की जांच के लिए जिला कलेक्टर ने पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है. जो मामले की छान बीन करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. 

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